Thursday , December 14 2017

रियास्ती हुकूमत क्रप्शन में डूब चुकी , गवर्नर का ख़ुतबा मायूसकुन

लोक सत्ता के सरबराह जए प्रकाश नारायण ने गवर्नर के ख़ुतबा को झूट का पलंदा क़रार दिया और कहा कि गवर्नर के ज़रीया हुकूमत ने ग़लत आदाद-ओ-शुमार और झूटे वादे किए हैं। असेंबली में गवर्नर के ख़ुतबा पर तहरीक तशक्कुर पर मुबाहिस में हिस्सा

लोक सत्ता के सरबराह जए प्रकाश नारायण ने गवर्नर के ख़ुतबा को झूट का पलंदा क़रार दिया और कहा कि गवर्नर के ज़रीया हुकूमत ने ग़लत आदाद-ओ-शुमार और झूटे वादे किए हैं। असेंबली में गवर्नर के ख़ुतबा पर तहरीक तशक्कुर पर मुबाहिस में हिस्सा लेते हुए डाक्टर जए प्रकाश नारायण ने हुकूमत को सख़्त तन्क़ीद का निशाना बनाया और कहा कि गवर्नर का ख़ुतबा इंतिहाई मायूसकुन और अवाम के लिए गुमराह कुन साबित हुवा। हुकूमत ने जो ख़ुतबा तैय्यार किया था , गवर्नर ने उसे मिन-ओ-अन(जैसा है वैसा हि) पेश करदिया है। उन्हों ने कहा कि रियास्ती हुकूमत ने कई अहम शोबा जात को नजर अंदाज़ करदिया है, लेकिन गवर्नर के ख़ुतबा में इन शोबा जात के बारे में बलंद बाँग दावे किए गए।

उन्हों ने कहा कि रियास्ती हुकूमत क्रप्शन में डूब चुकी है , लेकिन गवर्नर के ख़ुतबा में इस संगीन मसला का ज़िक्र तक नहीं किया गया। उन्हों ने कहा कि अलैहदा तेलंगाना मसला पर अवाम , हुकूमत से किसी मौक़िफ़ की तवक़्क़ो कररहे हैं। तेलंगाना की हामी जमातें एजीटशन में मसरूफ़ हैं लेकिन अफ़सोस कि गवर्नर के ख़ुतबा में इस बारे में कुछ नहीं कहा गया। लोक सत्ता के रुक्न ने कहा कि किसानों और उन के मसाइल को हुकूमत यकसर नजर अंदाज़ करचुकी है। तालीम के शोबा का हवाला देते हुए जए प्रकाश नारायण ने कहा कि सरकारी मदारिस बुनियादी सहूलतों से महरूम हैं। हुकूमत ने यूनीवर्सिटीज़ तो क़ायम करदिं लेकिन 14 यूनीवर्सिटीज़ में वाइस चांसलर्स के ओहदा अभी भी ख़ाली हैं।

जिन ओहदों पर तक़र्रुरात किए गए, उन की अहलीयत पर शुबहात का इज़हार किया जा रहा है। सेहत के शोबा की अबतर सूरत-ए-हाल का ज़िक्र करते हुए जए प्रकाश नारायण ने कहा कि इस शोबा के लिए हुकूमत ने जो बजट मुख़तस किया है, वो दूसरी रियास्तों के बजट से कम है। एक लाख अफ़राद के लिए एक कम्यूनिटी हैल्थ सैंटर क़ायम किया जाना चाहीए, लेकिन आंधरा प्रदेश में इस की कमी है और सरकारी दवा ख़ानों में अवाम बुनियादी तिब्बी सहूलतों से महरूम हैं। आरोग्य श्री स्कीम पर तन्क़ीद करते हुए जए प्रकाश नारायण ने कहा कि ये स्कीम ख़ानगी दवा ख़ानों के फ़ायदा के लिए इस्तिमाल की जा रही है। बर्क़ी की सूरत-ए-हाल पर हुकूमत के दावों को मुस्तर्द करते हुए लोक सत्ता के रुक्न ने कहा कि बलदी इंतिख़ाबात के पेशे नज़र शहरी इलाक़ों में घरेलू सारिफ़ीन को बर्क़ी कटौती से मुस्तसना क़रार दिया गया है।

उन्हों ने कहा कि गर्मा के इलावा भी शहरी , बर्क़ी कटौती का शिकार हैं। उन्हों ने हैदराबाद को पीने के पानी की सरबराही से मुताल्लिक़ हुकूमत की इसकीमात पर तन्क़ीद की और कहा कि कृष्णा मरहला सूवम के लिए फंड्स अलॉट नहीं किए गए। इस के बरख़िलाफ़ हुकूमत अभी भी गोदावरी से पानी सरबराह करने के दावे कररही है। उन्हों ने कहा कि कृष्णा से कम ख़र्च पर हैदराबाद को पानी सरबराह किया जा सकता है। उन्हों ने कहा कि क्रप्शन में आंधरा प्रदेश मुल्क में सर-ए-फ़हरिस्त है। नज़म-ओ-नसक़ को क्रप्शन से पाक और शफ़्फ़ाफ़ बनाने के लिए इक़दामात किए जाने चाहिऐं।

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