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रिश्तों को तए करने के लिए तमाम उसूल इस्लाम में मौजूद

हैदराबाद 23 मई:मुहम्मद अहसन आबिद (आईएएस) डेन स्कूल आफ़ एजूकेशन टाटा इंस्टीटूट आफ़ सोश्यल साइंस ने कहा कि इन्सान जब से दुनिया में आय ज़िम्मेदारियाँ आइद हुईं वहीं अपनी नसल को बढ़ोतरी और सुकून के लिए रिश्ता-ए-अज़दवाज से जुड़े होने बेहतर रिश्ते तलाश करने में मसरूफ है।

इस्लाम अपने हाँ मुकम्मिल ज़ाबता हयात रखता है उसने पायदार रिश्तों को क़ायम करने के राज़ बता दिए। उस के बावजूद मुसलमानों की बड़ी तादाद क़ुरआन-ओ-हदीस से रुगिरदानी इख़तियार करते हुए मग़रिबी तहज़ीब के तरीक़ों को अपना रही है। जब मुस्लमान इस्लाम के अईली क़वानीन की रोशनी ज़िंदगी गुज़ारने का फ़ैसला करेंगे तो उन की ज़िंदगीयां दुनिया-ओ-आख़िरत में कामयाबी-ओ-कामरानी से हमकनार होंगी।

इन ख़्यालात का इज़हार मुहम्मद अहसन आबिद इदारा सियासत और माइनॉरिटी डेवलपमेंट फ़ोरम के ज़ेरे एहतेमाम मुस्लिम लड़कों और लड़कीयों की शादीयों के तए करने के लिए वालिदैन और सरपरस्तों का 60 वीं दू बा दू प्रोग्राम से किया जो एस ए इम्पीरियल गाडर्न (टोली चौकी) में मुनाक़िद हुआ।

ज़हीरुद्दीन अली ख़ान मैनेजिंग एडिटर रोज़नामा सियासत ने सदारत की। अहसन आबिद ने सिलसिला ख़िताब जारी रखते हुए सियासत के दू-बा-दू मुलाक़ात प्रोग्राम की कोशिशों की सराहना की और कहा कि शहर और अज़ला में अब तक 60 दू-बा-दू मुलाक़ात प्रोग्राम मुनाक़िद हो चुके हैं जिसके बेहतरीन नताइज सामने आ रहे हैं इस तरह इस नेक काम पर चारों सिम्त से हिम्मतअफ़्ज़ाई होनी चाहीए। उन्होंने कहा कि अगर मुस्लमान क़ुरआन सीरत रसुल(स०) की रोशनी में अपनी ज़िंदगी को गुज़ारने का फ़ैसला करें यहां तक कि अपने लड़कों और लड़कीयों को इस्लामी नहज पर ढालने की कोशिश करेंगे तो उनमें हर सतह से फुज़ूलखर्ची की आदत छूटते हुए नज़र आऐगी।

ख़ुद अल्लाह ने इरशाद फ़रमाया कि फ़ुज़ूलखर्च लोग शैतान के भाई होते हैं इस अहम नुक्ता की तरफ़ अल्लाह ने मेराज की शब जब अपने हाँ बुलवाया और जन्नत-ओ-दोज़ख़ का मुशाहिदा करवाया तो उस वक़्त आप (स०) को इस्लामी निज़ाम के क़ियाम के लिए अहकामात दिए गए इस में ये बात भी कही गई कि फुज़ूलखर्ची की तरफ़ तवज्जा नहीं देनी चाहीए।

आज दुनिया में इन्सान ज़रूरत से ज़ाइद ख़र्च करने की तरफ़ माइल हो रहा है। और जब इस इसराफ़ को दूसरे देखते हैं तो उनका दिल भी माइल होता है इस तर्ज़-ओ-फ़िक्र को हमें इख़तियार नहीं करनी चाहीए। उन्होंने शादी के बाद मियां बीवी और दामाद और ससुरे के और एक अफ़रादे ख़ानदान के बीच जो मसाइल पैदा होर है हैं इस पर तफ़सील से रोशनी डाली और कहा कि जब एक दूसरे ख़ानदानों में झगड़े होते हूँ तो एक दूसरे को माफ़ करने और वुसअत कलबी इख़तियार करने की तरफ़ मायल होनी चाहीए। उन्होंने कहा कि एक सर्वे के मुताबिक़ चालीस हज़ार से ज़ाइद लड़के-ओ-लड़कीयां इस आस में बैठी हुई हैं कि सही और मौज़ूं रिश्ता मिल जाये।

मगर हर किसी को एक दूसरे से आगे बढ़ने की फ़िक्र लाहक़ है।और रिश्तों को धोनडने के दौरान इस बात की फ़िक्र रहती है कि लड़की का रंग ख़ानदान तालीम माहौल वालिदैन की मस्रूफ़ियत आरामदाह मकान हो वो जहां रहती हो रहे क्युं कि लड़के को बड़े मुसीबतों से पाला पोसा और तालीम से हमकनार किया गया अगर हाई फ़ाई रिश्तों को छोड़कर मामूली घराने के रिश्ते तलाश करेंगे तो लोग क्या कहेंगे इस ग़लत फ़िक्र-ओ-तसव्वुर ने मुआशरे को कहीं का ना रखा।

उन्होंने शादी के बाद लड़के और लड़की के बीच मसाइल के पैदा होने पर जो हालात हो रहे हैं इस पर भी तफ़सील से रोशनी डाली और कहा कि एक अच्छा इन्सान तलाश करने फ़िक्र-ओ-कोशिश करें।
इफ़्तिख़ार हुसैन सेक्रेटरी फै़जे आम ट्रस्ट ने वालिदैन पर-ज़ोर दिया कि इस्लाम की रोशनी में शादी के मसले को हल करें और हमेशा अपने सामने आप(सल्लललाहु अलैहि वसल्लम) के दुख़तर के निकाह को रखें इस से ना सिर्फ शादी आसान होगी बल्के तमाम मसाइल दूर होजाएंगे। उन्होंने कहा कि अगर घरानों में तालीम की तरफ़ रुजहान पैदा होगा तो अज़ ख़ुद लेन देन और बेजा रसूमात में कमी पैदा हो जाएगी।

इस मुलाक़ात प्रोग्राम में शहर और मज़ाफ़ाती इलाक़ों से शबे बरात और रोज़ा रहने के बावजूद शहर के दौर ददराज़ मुक़ामों और अज़ला से वालिदैन और सरपरस्तों की कसीर तादाद ने शिरकत की Healther Hearts फ़ाउंडेशन की तरफ से इस मुलाक़ात प्रोग्राम में हेल्थ चैकअप कैंप मुनाक़िद हुआ जिसमें डॉक्टर्स बीपी शुगर और मुख़्तलिफ़ चैक अप करवाए और इस कैंप में डाक्टर मुदस्सर ने बड़ी दिलचस्पी से मर्द व ख़वातीन और बच्चों का तिब्बी मुआइना किया और मेडिकल कैंप की निगरानी मुहम्मद निज़ामुद्दीन और मुहम्मद फ़रीदुद्दीन ने बड़ी हुस्न-ओ-ख़ूबी के साथ अंजाम दी।

उन्होंने बताया कि Healther Hearts। की तरफ से सल्लम इलाक़ों में मेडिकल कैंप लगाए जाते हैं और आरोग्यश्री के ज़रीये मरीज़ों की हुकूमती सतह पर मदद की जाती है। ये फ़ाउंडेशन शहर ही नहीं मुल्क गीर सतह पर तिब्बी ख़िदमात अंजाम दे रही है।

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