रिश्वत मामला: CBI के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को वापस गुजरात भेज सकती है सरकार !

रिश्वत मामला: CBI के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को वापस गुजरात भेज सकती है सरकार !
Click for full image

नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) अपने विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है. सीबीआई के डायरेक्टर आलोक वर्मा के साथ लंबे समय से उनका विवाद चल रहा है. ये भी संभावना जताई जा रही है कि तत्काल उन्हें अपने कैडर राज्य गुजरात भेजा जा सकता है. 1984 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के गुजरात कैडर के अधिकारी अस्थाना पर एक कारोबारी से दो करोड़ रुपये का रिश्वत लेने का आरोप है, जो कुरैशी के मामले के तहत जांच के दायरे में थे. यह रकम उनको जांच को प्रभावित करने के लिए दिया गया था. मामला अस्थाना की अगुवाई में विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा की जा रही थी.

हिन्दुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक रिश्वत लेने के आरोपों का सामना कर रहे अस्थाना के खिलाफ कार्रवाई के लिए सोमवार को औपचारिक प्रस्ताव भेजा जाना था, लेकिन कुछ कारणों से ऐसा नहीं हो पाया. एक अधिकारी ने अखबार को बताया कि अस्थाना की निरंतरता अस्थिर हो गई है. उन्हें हटाने के लिए सीबीआई निदेशक एक या दो दिन में फाइल को आगे बढ़ा सकते हैं. अधिकारी ने यह भी बताया कि राकेश अस्थाना को विशेष निदेशक के पद से हटाने के लिए कागजी कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है और इसके जल्द ही पूरा होने की उम्मीद है.

गौरतलब है कि सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा ने रविवार को अस्थाना के खिलाफ लगे आरोपों के बारे में बात करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी. अस्थाना के खिलाफ रिश्वत लेने का मामला दर्ज किया है. आस्थाना पर धनशोधन के कई मामले में आरोपी मीट एक्सपोटर मोइन कुरैशी के एक मामले का निपटारा करने के लिए रिश्वत लेने का आरोप है. एजेंसी ने पिछले हफ्ते हैदराबाद स्थित कारोबारी साना सतीश बाबू की शिकायत पर भ्रष्टाचार का मामला दर्ज कराया था.

देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी का आरोप है कि दिसंबर 2017 और अक्टूबर 2018 के बीच कम से कम पांच बार रिश्वत लिए गए. सीबीआई ने कहा कि उसके पास सतीश साना का बयान है जोकि आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 164 के तहत चार अक्टूबर और 20 अक्टूबर को दो बार रिकार्ड किया गया है. बयान में अस्थाना और अन्य के खिलाफ आरोप की पुष्टि होती है. साना ने अपनी शिकायत में कहा कि उनको एक मुकदमे में मदद करने के बहाने अस्थाना और देवेंद्र समेत सीबीआई अधिकारियों द्वारा ली गई भारी रकम का हिस्सा बनाया गया, जबकि उसमें उनकी कोई संलिप्तता नहीं थी.

सीबीआई ने सोमवार को अपने उप पुलिस अधीक्षक देवेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया था. दूसरी तरफ, अस्थाना ने सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा पर जांच में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया है और कैबिनेट सचिव प्रदीप सिन्हा को औपचारिक शिकायत की है. उन्होंने केन्द्रीय सतर्कता आयोग से इस मामले को देखने के लिए कहा था. 2016 में अस्थाना को सरकार द्वारा सीबीआई में लाया गया था. गुजरात संवर्ग के आईपीएस अधिकारी अस्थाना उस विशेष जांच दल (एसआईटी) की अगुवाई कर रहे हैं जो अगस्टावेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाले और उद्योगपति विजय माल्य द्वारा की गयी ऋण धोखाधड़ी जैसे अहम मामलों को देख रहा है. यह दल मोईन कुरैशी मामले की भी जांच कर रहा है. अस्थाना ने गुजरात के कैडर पुलिस अधिकारी के रूप में गोधरा ट्रेन जलने की घटना में प्रारंभिक जांच की निगरानी की थी. उस समय वह राज्य के वडोदरा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक थे.

Top Stories