रुकने असेंबली हम्नाबाद से उर्दू सहाफ़ीयों को मायूसी

रुकने असेंबली हम्नाबाद से उर्दू सहाफ़ीयों को मायूसी
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हम्नाबाद 22 जुलाई:हम्नाबा के रुकने असेंबली राज शेखर पाटल की तरफ से यहां के उर्दू सहाफ़ीयों को नज़रअंदाज किया जा रहा है तफ़सीलात के मुताबिक़ हम्नाबाद से उर्दू अख़बारात की रिपोर्टिंग करने वाले दो सहाफ़ी मौजूद हैं कनड़ा ज़बान के सहाफ़ीयों को रुकने असेंबली की तरफ से किसी ना किसी मौके पर इशतिहारत फ़राहम किए जाते हैं यहां तक के रुकने असेंबली के यौम पैदायश पर भी हज़ारों रुपये के इश्तिहारात उनको दीए जाते है मगर उर्दू के दो सहाफ़ी हैं।

उन को ईद रमज़ान के मौके पर भी एक इश्तिहार नहीं दिया जाता जबकि रुकने असेंबली की हर ख़बर उर्दू अख़बार में शाय होती है इसके बावजूद यहां के उर्दू सहाफ़ीयों को नज़रअंदाज किया जाता है।

मोजुदह वक़्त में कांग्रेस पार्टी में कई अक़लियती क़ाइदीन मौजूद हैं जो हर दिन उर्दू अख़बार पढ़ते हैं उनका भी फ़र्ज़ बनता हैके वो रुकने असेंबली को उर्दू के सहाफ़ीयों पर ध्यान देने को कहीं तो मुम्किन हैके उनकी तोजा उर्दू के सहाफ़ीयों को मिल सकती है अगर अपने क़ाइदीन ही तवज्जा ना दें तू ग़ैरों को क्या पड़ी है।

अगर उर्दू ज़बान को तरकी देना है तो उर्दू के सहाफ़ीयों को नज़रअंदाज नाकरना चाहीए।बीदर ज़िला के दूसरे अरकाने असेंबली उर्दू सहाफ़ीयों को नज़रअंदाज नहीं करते क्युंकि उनके आस पास रहने वाले क़ाइदीन उन पर भी तवज्जा देने को कहते हैं।

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