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रुबात में क़ियाम के तनाजे का ख़ुशगवार हल मुतवक़्क़े

हैदराबाद 24 जून हज 2015 में हैदराबादी रुबात में क़ियाम के मसले को हल करने के लिए हुकूमत ने कोशिश की है। मक्का मुकर्रमा में वाक़्ये हैदराबादी रुबात में क़ियाम के लिए की गई क़ुरआ अंदाज़ी पर तनाज़ा पैदा होगया। औक़ाफ़ कमेटी निज़ाम ने क़ुरआ अंदाज़ी

हैदराबाद 24 जून हज 2015 में हैदराबादी रुबात में क़ियाम के मसले को हल करने के लिए हुकूमत ने कोशिश की है। मक्का मुकर्रमा में वाक़्ये हैदराबादी रुबात में क़ियाम के लिए की गई क़ुरआ अंदाज़ी पर तनाज़ा पैदा होगया। औक़ाफ़ कमेटी निज़ाम ने क़ुरआ अंदाज़ी के तरीका-ए-कार पर एतेराज़ करते हुए उसे क़बूल करने से इनकार कर दिया है।

सेक्रेटरी अक़लियती बहबूद सय्यद उम्र जलील ने औक़ाफ़ कमेटी के ओहदेदारों और तेलंगाना हज कमेटी के साथ 24 जून को मुशतर्का मीटिंग तलब किया है।

इस मीटिंग में रुबात में क़ियाम से मुताल्लिक़ तनाज़ा की यकसूई की कोशिश की जाएगी। औक़ाफ़ कमेटी निज़ाम के अरकान ने मीटिंग में शिरकत से इत्तिफ़ाक़ करलिया। तवक़्क़ो की जा रही हैके हुकूमत की मुदाख़िलत पर इस तनाजे की यकसूई करली जाएगी। वाज़िह रहे कि हज कमेटी ने नाज़िर रुबात हुसैन मुहम्मद शरीफ़ से मुशावरत के ज़रीये मक्का मुकर्रमा में 597 आज़मीन-ए-हज्ज के क़ियाम के लिए क़ुरआ अंदाज़ी की थी।

तेलंगाना के 10 और महाराष्ट्र और कर्नाटक के 10 अज़ला से ताल्लुक़ रखने वाले अज़ीज़ ये ज़मुरा के आज़मीन की क़ुरआ अंदाज़ी की गई। साबिक़ रियासत हैदराबाद में शामिल अज़ला के अज़ीज़ ये ज़मुरा के आज़मीन को क़ुरआ अंदाज़ी में शामिल किया गया। औक़ाफ़ कमेटी निज़ाम ने क़ुरआ अंदाज़ी के तरीका-ए-कार को मंशा-ए-वक़्फ़ के ख़िलाफ़ क़रार देते हुए सेंट्रल हज कमेटी को मकतूब रवाना किया। इस मसले की यकसूई के लिए तेलंगाना हुकूमत और हज कमेटी मसाई कररही है।

औक़ाफ़ कमेटी निज़ाम का कहना हैके 28 अप्रैल को कमेटी को जो दरख़ास्तें वसूल हुई थी उनकी तफ़सीलात रियासती हज कमेटी को रवाना करदी गई। मंशा-ए-वक़्फ़ के मुताबिक़ सिर्फ़ दरख़ास्त गुज़ारों में से क़ुरआ अंदाज़ी करते हुए रुबात में क़ियाम के मुस्तहिक़ आज़मीन का इंतेख़ाब किया जाये।

बताया जाता हैके औक़ाफ़ कमेटी को ककीन दिया गया था कि औक़ाफ़ कमेटी और नाज़िर रुबात को जो दरख़ास्तें वसूल हुई हैं, उन्हें यकजा करते हुए क़ुरआ अंदाज़ी की जाएगी लेकिन लम्हा आख़िर में साबिक़ रियासत हैदराबाद के अज़ला के तमाम अज़ीज़ ये ज़मुरा वालों को क़ुरआ अंदाज़ी में शामिल कर दिया गया।

औक़ाफ़ कमेटी के ज़राए का कहना हैके कमेटी मंशा-ए-वक़्फ़ की तकमील की पाबंद है। औक़ाफ़ कमेटी इस तनाजे की यकसूई के सिलसिले में सेंट्रल हज कमेटी के फ़ैसला को क़बूल करेगी। इसी दौरान तेलंगाना हुकूमत और हज कमेटी पुरउम्मीद हैके इस मुआमले का ख़ुशगवार हल तलाश करलिया जाएगा और जारीया साल रुबात में क़ियाम के सिलसिले में कोई रुकावट नहीं होगी।

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