Wednesday , December 13 2017

रूस के उरल कोहिस्तान पर फ़ज़ा में शहाबे साकिब फट पड़ने से 1500 लोग ज़ख्मी

मास्को : रूस के उरल कोहिस्तान पर फ़ज़ा में शहाबे साकिब फट पड़ने से करीब 1500 लोग ज़ख्मी हो गए, जिनमें 200 से ज्यादा बच्चे हैं। शहाबे साकिब फटने का असर इतना तेज़ था की खिड़कियां टूट गईं और इमारतें हिल उठीं और लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई।

मास्को : रूस के उरल कोहिस्तान पर फ़ज़ा में शहाबे साकिब फट पड़ने से करीब 1500 लोग ज़ख्मी हो गए, जिनमें 200 से ज्यादा बच्चे हैं। शहाबे साकिब फटने का असर इतना तेज़ था की खिड़कियां टूट गईं और इमारतें हिल उठीं और लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई।

रूसी ओहदेदारों के मुताबिक़ ज्यादातर लोगों को मामूली चोटें आई हैं, हालांकि कुछ लोगों के सिर में चोट लगी।

इमरजेंसी मामलों के विज़ारत से मिली इत्तेला के मुताबिक़ मुतासिर इलाक़े में 985 लोगों को इलाज की जरूरत पड़ी है। इनमें से 112 लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

नेशनल डिजास्टर मेनेजमेंट सेंटर के सदर व्लादिमीर स्टेपनोव ने बताया कि शहाबे साक़िब के फटने से इलाके में जरूरी सह्गुलाटन को नुकसान नहीं पहुंचा है ।

येकातेरिनबर्ग शहर के ऊपर आज सुबह बड़ी आवाज के बाद बड़ा शहाबे साक़िब देखा गया। यहां से करीब 200 किलोमीटरजुनूब में चेलियाबिंस्क शहर में सबसे ज्यादा असर महसूस किया गया।

आरआईए नोवोस्ती के मुताबिक चेलियाबिंस्क में सैकड़ों घरों में ऐहतियातन गैस की सप्लाई काट दी गई है। खबर है कि करीब 3000 हजार इमारतें मुतासिर हुई हैं।

एक और शख्स ने कहा, ‘चारो ओर अफरा-तफरी मच गई। लोगों को पता नहीं था कि क्या हो गया। सभी लोग अपने घरों की भागे और जानने की कोशिश करने लगे कि उनके करीबी लोग महफूज़ तो हैं।’

रूसी सदर ब्लादिमीर पुतिन ने ईश्वर का धन्यवाद किया कि शहाबे साक़िब का कोई टुकड़ा आबादी वाले इलाकों में नहीं गिरा।

पुतिन ने मुतासिरों को फ़ौरी मदद मुहैया कराने का वादा करते हुए कहा है कि कुछ स्कूलों को नुकसान पहुंचा है तथा सनअती इकाइयों में काम मुतासिर हुआ है।

रूसी साइंस अकादमी का कहना है कि इस शहाबे साक़िब का वजन करीब 10 टन था और इसने ज़मीन के इलाक़े में कम से कम 54 हजार किलोमीटर फी घंटे की ररफ़्तार से दाख़िल हुआ ।
(एजेंसी)

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