Saturday , January 20 2018

रूस शाम में रियासत के अंदर रियासत क़ायम कर रखी है?

शामी हुकूमत का हमेशा से ये दावा रहा है कि वो अपने मुल्क में ग़ैर मुल्की मुदाख़िलत को मुस्तरद करती है। ताहम रूस के साथ दस्तख़त कर्दा खु़फ़ीया मुआहिदे में शामिल मुराआतऔर दस्तबरदारियों ने इस दावे का पोल खोल दिया है।

मुआहिदे के तहत रूसी अफ़्वाज ग़ैर मुऐयना मुद्दत तक शाम में रह सकती हैं। साथ ही साथ रूसी अफ़्वाज ने अपने इंतेज़ामी उमूर की निगरानी, शामी हुकूमत की मुदाख़िलत के बग़ैर, ख़ुद अपने हाथ में रखी है।

मुआहिदे से ये भी इन्किशाफ़ हुआ है कि रूसी अफ़्वाज के किसी अहलकार की गिरफ़्तारी या उस से पूछ-गछ अमल में नहीं लाई जा सकेगी। इस से क़ब्ल रूस ने ऐलान किया था कि शामी बोहरान में इस की मुदाख़िलत बशारुल असद की हुकूमत की दरख़ास्त पर थी, जिसने 4 बरस के बाद महसूस किया कि उसे अपोज़ीशन ग्रुपों के सामने ख़सारे का सामना है।

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