Tuesday , December 12 2017

रूस हिन्दुस्तान से दिफ़ाई ताल्लुक़ात के इर्तिकाज़ का ख़ाहां

एशयाए कोचक ख़बररसां इदारों के ऐडीटरस से वज़ीर-ए-आज़म रूस मीडवीडीफ़ की बातचीत

एशयाए कोचक ख़बररसां इदारों के ऐडीटरस से वज़ीर-ए-आज़म रूस मीडवीडीफ़ की बातचीत

हिन्दुस्तान के रूस के साथ बामक़सद ताल्लुक़ात होने का इद्दिआ करते हुए वज़ीर-ए-आज़म रूस दीमतरी मीडवीडीफ़ ने कहा कि रूस हिन्दुस्तान के साथ दिफ़ाई शराकतदारी को मज़ीद मृतकज़ करना चाहता है ताकि हिन्दुस्तान पुरअमन मक़ासिद के लिए अपने न्यूक्लीयर तवानाई प्रोग्राम को मज़ीद वुसअत दे सके। मीडवीडीफ़ का तबसरा हिन्दुस्तान के अव्वलीन न्यूक्लीयर प्रोजेक्ट कुडनकुलम के आग़ाज़ के चंद दिन बाद मंज़र-ए-आम पर आया है। ये प्रोजेक्टा आइन्दा 3 हफ़्ते में पैदावार शुरू करदेगा और दोनों ममालिक का मुशतर्का प्रोजेक्टा है।

वज़ीर-ए-आज़म रूस एशयाए कोचक के ख़बररसां इदारों के ऐडीटरस से तबादला-ए-ख़्याल कररहे थे जबकि इस इदारे का 15 वां जल्सा-ए-आम मुनाक़िद किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि माज़ी में भी रूस हिन्दुस्तान के साथ तकनीकी तआवुन करचुका है, कई शोबों में उसकी शराकतदारी रही है और आइन्दा भी ये सिलसिले जारी रखा जाएगा। रूस को हिन्दुस्तान के साथ दिफ़ाई शराकतदारी के इर्तिकाज़ और मज़ीद तरक़्क़ी से गहिरी दिलचस्पी है। साबिक़ा मंसूबे के मुताबिक़ कुडनकुलम‌ न्यूक्लीयर पावर प्रोजेक्ट‌ का आग़ाज़ अगस्त के इख़तेताम में होने वाला था, लेकिन तकनीकी रुकावट की वजह से ऐसा ना होसका।

13 जुलाई को इस प्रोजेक्ट‌ ने एक अहम कारनामा अंजाम दिया। तवक़्क़ो है की आइन्दा साल जून तक दूसरा प्रोजेक्टा भी शुरू कर दिया जाएगा। रूस के तकनीकी तआवुन से मज़ीद एक या दूरी ऐक्ट्रस क़ायम किए जाऐंगे। कुडनकुलम 2000 मैगावाट का प्रोजेक्ट है, जिस की दो शाख़ें हैं। इन में से हर एक 1000 मैगावाट फी कस बर्क़ी तवानाई पैदा करेगी। 1000 मैगावाट बर्क़ी तवानाई की पैदावार के मज़ीद 4 प्रोजेक्ट‌ क़ायम करने का मंसूबा है।

हकूमत-ए-हिन्द और रूस के बीच‌ दूसरे और चौथे प्रोजेक्ट‌ के बारे में बातचीत क़तईयत के मराहिल में है। मीडवीडीफ़ ने हिंद-रूस ताल्लुक़ात के अलावा रूस की सूरत-ए-हाल, दौलत-ए-मुश्तरका की आज़ाद मुमलकतों और एशयाए कोचक के ममालिक के साथ रूस के ताल्लुक़ात पर भी इज़हार-ए-ख़्याल किया। उन्होंने शाम की सूरत-ए-हाल को इंतिहाई पेचीदा क़रार देते हुए कहा कि इस से इस बोहरान का अपने तौर पर एक पुरअमन हल तलाश करने की इजाज़त देना ज़रूरी हो गया है।

बैरूनी मदाख़िलत नाक़ाबिल-ए-क़बूल है। रूस कभी ऐसी मदाख़िलत की ताईद नहीं करेगा। वो वाज़िह तौर पर शाम पर हमला करने के अमरीकी मंसूबों का हवाला दे रहे थे। वज़ीर-ए-आज़म रूस ने कहा कि किसी भी की जानिब से कीमीयाई हथियारों के इस्तेमाल को क़ुबूल नहीं किया जाएगा। रूस कभी उसकी ताईद नहीं करेगा।

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