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रेप करने वाला पिता ही हो, तो पीड़िता की गवाही ही सजा के लिए काफी : हाईकोर्ट

नई दिल्ली. दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि अगर रेप करने वाला पिता हो तो विक्टिम के बयान को सबूत के तौर पर मान्यता दे सकते हैं। दोषी पिता की पिटीशन पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने वकील की यह दलील खारिज कर दी कि पीड़िता के बयानों में विरोधाभास है। हाईकोर्ट ने कहा कि मेडिकल जांच में लड़की के साथ रेप की पुष्टि हुई है। अब इसमें यह मायने नहीं रखता है कि विक्टिम घटना की तारीख और महीने को लेकर कोई सही जानकारी नहीं दे पाई।

हाईकोर्ट जज प्रतिभा रानी ने कहा कि विक्टिम पढ़ी-लिखी नहीं है। ऐसे में यह जरूरी नहीं कि उसे महीने, तारीख की सही जानकारी हो। विक्टिम के वकील के मुताबिक, 2008 में दोषी की पत्नी की मौत हो गई। इसके बाद उसने बेटी के साथ रेप करना शुरू कर दिया और विरोध पर पीटता भी था।

17 साल की विक्टिम ने पिता के खिलाफ केस दर्ज कराया। लोअर कोर्ट ने 2009 में दोषी पिता को 7 साल की सजा सुनाई थी। उसने फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।

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