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रेप के वीडियो पर SC की फटकार

नई दिल्ली: रेप के वाकियात पर बढते वीडियो क्लिप्स पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए मरकज़ की हुकूमत से पूछा है कि वीडियो की बुनियाद पर अब भी मुल्ज़िमों की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई!

नई दिल्ली: रेप के वाकियात पर बढते वीडियो क्लिप्स पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए मरकज़ की हुकूमत से पूछा है कि वीडियो की बुनियाद पर अब भी मुल्ज़िमों की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई! अलादत ने यह भी पूछा है कि रियासत कि हुकूमतें इन सब मामलों में क्या कर रही हैं!

गौरतलब है कि हैदराबाद के एनजीओ “प्रजवाला” ने रेप के वाकियात के 90 वीडियो अपने पास होने का दावा सुप्रीम कोर्ट में किया है। एनजीओ ने कहा कि ये वीडियोज भेजने वालों ने मामलों की सीबीआई जांच की मांग की है। सामाज़ी इंसाफ से जुडे मामलों की सुनवाई कर रही सुप्रीम कोर्ट की स्पेशल बेंच के चीफ जस्टिस मदन बी. लोकुर ने इस पर हैरानी जताई है।

अदालत में मरकज़ी हुकूमत की नुमाइंदगी कर रहे एडिश्नल सॉलिसिटर जनरल मनिंदर सिंह से उन्होंने कहा कि, क्या ऐसी चीजों से निपटने का कोई मैकेनिज्म है! हर रियासत की साइबर सेल पुलिस आखिर कर क्या रही है!

हैदराबाद में प्रज्वला एनजीओ चलाने वाली सुनीता कृष्णन ने मेल टुडे से कहा कि, ज्यादातर वीडियोज से यह साफ है कि यह मुल्ज़िमों की ओर से अंजाम दिया गया रेप की पहला वाकिया नहीं हैं। आप देखिए कि कितनी आसानी से ये लोग जुर्म करते हैं। जब एक जुर्म करता है तो दो लोग मुतास्सिरा का मुंह और पैर कसकर पकडते हैं। इसी दौरान उनका एक साथी वीडियो बनाता है।

8.5 मिनट का एक और वीडियो है जिसमें पांच लोग एक लडकी का गैंगरेप करते दिखाई दे रहे हैं और इस दौरान वे हंसी-मजाक कर रहे हैं और तस्वीरें ले रहे हैं। कृष्णन कहती हैं, मेरा खत और मेरे भेजे वीडियोज के बाद अदालत ने सीबीआई जांच के हुक्म दिए हैं, यह अच्छी बात है। लेकिन जजों को इसके लिए एक मुस्तकिल मैकेनिज्म लाना ही होगा।

मैं सारे रेप के वीडियोज की “क़ौमी रजिस्ट्री” नहीं बन सकती। साइबर सेल ऐसे वीडियोज पर खुद नोटिस क्यों नहीं ले रहा! क्या है पूरा मामला 20 फरवरी 2015 को सोशल एक्टिविस्ट सुनीता कृष्णन ने मुल्क के चीफ जस्टिसों को खत लिखकर शिकायत की कि रेप के वाकियात के 9 वीडियो ऑनलाइन दस्तयाब हैं।

सुनीता ने खत के साथ पेन ड्राइव में ये वीडियोज भी दिए। 27 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सीबीआई जांच के हुक्म दिए। 14 मार्च को जांच की कम रफ्तार के अमल पर कोर्ट ने सीबीआई को फटकार लगाई। 25 मार्च को सीबीआई कोर्ट को ओडिशा से एक मुल्ज़िम की गिरफ्तारी और दिगर छह के खिलाफ एफआईआर की इत्तेला दी।

10 अप्रैल को सुनीता ने कोर्ट को ऐसे 90 और वीडियोज की शिकायत की और इनकी भी सीबीआई जांच की मांग की।

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