रेलवे को बैरून मुल्क के हाथों में सौंपने की कोशिश : लालू प्रसाद

रेलवे को बैरून मुल्क के हाथों में सौंपने की कोशिश : लालू प्रसाद
राजद सरबराह और साबिक़ रेल वज़ीर लालू प्रसाद ने रेल बजट को मुल्क की आवाम के साथ धोखा बताते हुए उसे रेलवे को बाइरून मुल्क के हाथों में सौंपने की एक कोशिश बताया है।

राजद सरबराह और साबिक़ रेल वज़ीर लालू प्रसाद ने रेल बजट को मुल्क की आवाम के साथ धोखा बताते हुए उसे रेलवे को बाइरून मुल्क के हाथों में सौंपने की एक कोशिश बताया है।

कांग्रेस ज़ेरे कियादत यूपीए-वन हुकूमत में रेल वज़ीर रहे लालू ने भाजपा ज़ेरे कियादत मरकज़ की मौजूदा राजग हुकूमत की तरफ से आज लोकसभा में पेश रेल बजट को मुल्क की आवाम के साथ धोखा बताते हुए उसे रेलवे को बाइरून मुल्क के हाथों में सौंपने का एक कोशिश बताया।

रेलवे ऑपरेशन को छोडकर दीगर इलाकों में गैर मुल्की सरमायाकारी की तजवीज मदऊ किए जाने की तरफ इशारा करते हुए लालू ने आज यहां सहाफ़ियों से बातचीत करते हुए कहा कि यह रेलवे को बाइरून मुल्क के हाथों में दिए जाने वाला कदम होगा।

वजीरे आजम नरेंद्र मोदी की हुकूमत के पहले रेल बजट पर तनकीद करते हुए लालू ने कहा कि यह रेल बजट नहीं बल्कि मोदी की जुगत है। रेल वज़ीर सदानंद गौडा पर हमला करते हुए लालू ने कहा कि रेल बजट को वे उतनी ही तेजी से पढते जा रहे थे जिस तरह से नरेंद्र मोदी ने उन्हें लेखन कराया।

रेलवे के पीपीपी मॉडल पर सरमायाकारी मदऊ किए जाने की तजवीज पर लालू ने उसका मजाक उडाते हुए कहा कि वे इस पीपीपी मॉडल को अजमा चुके हैं। उन्होंने कहा कि पीपीपी मॉडल के तहत रकम लागाने के लिए किसके पास पैसा है। क्या कोई भी बाहरी सरमायाकारी करने के लिए तैयार होगा। काबिले ज़िक्र है कि मनमोहन सिंह ज़ेरे कियादत यूपीए-वन हुकूमत में रेल वज़ीर रहे लालू बिना किराया बढाए रेलवे को मुनाफा में पहुंचाने के लिए मशहूर हुए थे।

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