रेहाना की हरकत से हिन्दू धर्म के लोगों को ठेस पहुंची, इसलिए इस्लाम से खारिज किया गया- मुस्लिम संगठन

रेहाना की हरकत से हिन्दू धर्म के लोगों को ठेस पहुंची, इसलिए इस्लाम से खारिज किया गया- मुस्लिम संगठन
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सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सबरीमला मंदिर में प्रवेश की कोशिश करने वाली सामाजिक कार्यकर्ता रेहाना फातिमा को मुस्लिम समुदाय से निष्‍काषित कर दिया गया है। केरल मुस्लिम जमात ए काउंसिल (एमजेसी) ने केंद्रीय मुस्लिम जमात से एक्टिविस्‍ट और मॉडल रेहाना फातिमा और उसके परिवार को निष्कासित किए जाने के निर्देश दिए हैं।

एमजेसी के अध्यक्ष ने बयान जारी कर इस फैसले की जानकारी दी है। रेहाना की हरकत से हिंदू श्रद्धालुओं को ठेस पहुंची है। इसलिए उन्हें समुदाय से बाहर निकालने का फैसला किया गया है।

इससे पहले रेहाना फातिमा के घर पर अज्ञात लोगों ने कथित रूप से तोड़फोड़ की। फातिमा ने कड़ी पुलिस सुरक्षा में मंदिर में पहुंचने का असफल प्रयास किया था। पुलिस ने बताया कि हमलावर उस समय पनामबिली नगर स्थित फातिमा के घर पहुंचे जब वह पहाड़ी पर चढ़ने का प्रयास कर रही थी।

फातिमा उन महिलाओं में शामिल थीं जो पहाड़ी की चोटी पर पहुंची थी लेकिन गर्भगृह की ओर जाने वाली 18 पवित्र सीढ़ियों से कुछ ही मीटर दूर अयप्पा श्रद्धालुओं ने उन्हें रोक दिया और उन्हें गर्भगृह में पहुंचने से पहले ही वापस लौटना पड़ा। फातिमा और हैदराबाद की एक पत्रकार कविता को कड़ी पुलिस सुरक्षा में पहाड़ी पर ले जाया गया था।

एमजेसी के केरल प्रभारी एडवोकेट हाजी ए पोकूंजू ने एक बयान जारी कर कहा कि रेहाना फातिमा, एक मुस्लिम पदाधिकारी अयप्पा दर्शन के लिए सबरीमाला मंदिर गई थी और उसके इस कृत्य ने हिंदू समुदाय की भावनाओं को आहत किया है। उसे मुस्लिम समुदाय से निष्कासित किया जाता है और उसके तथा पूरे परिवार की महाल्ले सदस्यता समाप्त की जाती है।

एडवोकेट हाजी ए पोकूंजू ने बताया कि रेहना को मुस्लिम समुदाय के नाम का इस्तेमाल करने का कोई हक नहीं है और न ही जमात से अब उसका कोई संबंध हैं। उन्होंने केरल सरकार से फातिमा के खिलाफ धारा 153 ए के तहत कार्रवाई करने की मांग की है।

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