Saturday , December 16 2017

रोशिया को गवर्नर के ओहदे से हटाने की दरख़ास्त मुस्तर्द(खारिज)

सुप्रीम कोर्ट ने आज एक दरख़ास्त मुस्तर्द(खारिज) करदी जिस में इस्तिदा की गई थी कि गवर्नर टामिलनाडो की हैसियत से मिस्टर के रोशिया को इस बुनियाद पर सबकदोश(रीटाइर्ड) कर दिया जाय, क्योंकि उन के ख़िलाफ़ आंध्रा प्रदेश में एक फ़ौजदारी मुक़द्द

सुप्रीम कोर्ट ने आज एक दरख़ास्त मुस्तर्द(खारिज) करदी जिस में इस्तिदा की गई थी कि गवर्नर टामिलनाडो की हैसियत से मिस्टर के रोशिया को इस बुनियाद पर सबकदोश(रीटाइर्ड) कर दिया जाय, क्योंकि उन के ख़िलाफ़ आंध्रा प्रदेश में एक फ़ौजदारी मुक़द्दमा ज़ेर दौरान है।

जस्टिस ए के पटनाइक की क़ियादत वाली एक बेंच ने मफ़ाद-ए-आम्मा की इस दरख़ास्त को क़बूल करने से इनकार करते हुए कहा कि दरख़ास्त गुज़ार को अदालत से रुजू (सामने)होने के हक़ से महरूम(खारिज) नहीं किया जा सकता और ये फ़ौजदारी मुक़द्दमा मिस्टर रोशिया के बहैसियत गवर्नर टामिलनाडो तक़र्रुर के बाद दर्ज किया गया है।

एक वकील मोहन लाल ने ये दरख़ास्त दायर की थी। मोहन लाल ने इस से पहले इंसिदाद करप्शन की एक अदालत में भी रोशिया के ख़िलाफ़ मुक़द्दमा दर्ज किया था और कहा था कि उन्हों ने बहैसियत चीफ मिनिस्टर इंतिहाई कीमती सरकारी आराज़ीयात को डी नौ टीफाई किया था जिस से सरकारी ख़ज़ाने को नुक़्सान हुआ था।

TOPPOPULARRECENT