Thursday , December 14 2017

रोहिंग्या मुसलमानों को वापस ले म्यांमार: भारत

म्यांमार को रोहिंग्या मुसलमानों को वापस लेना चाहिए ताकि एशिया में एक दशक से चले आ रहे सबसे बड़े शरणार्थी संकट को दूर किया जा सके. भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज बांग्लादेश की यात्रा पर हैं और रविवार को प्रधानमंत्री शेख हसीना से मुलाकात के दौरान उन्होंने यह बात कही. इस साल 25 अगस्त के बाद से करीब 6 लाख से ज्यादा रोहिंग्या मुसलमान म्यांमार के रखाइन प्रांत से भाग कर बांग्लादेश पहुंचे हैं. उन्हेांने कहा रोहिंग्या मुसलमान बांग्लादेश के लिए एक बड़ा बोझ है. बांग्लादेश कब तक इसे सहन करेगा? इस संकट का स्थायी समाधाना होना चाहिए.

सुषमा स्वराज ने कहा कि भारत म्यांमार में हिंसा से चिंतित है. सुषमा स्वराज ने यह भी कहा कि भारत ने म्यांमार में अल्पसंख्यक के रूप में रोहिंग्या मुसलमानों को मान्यता दिलाने के लिए सुझाये गये उपायों को लागू करने का समर्थन किया है. स्वराज ने कहा कि म्यांमार में रोहिंग्या लोगों को नागरिकता नहीं दी जाती और व्यवहारिक रूप में वे राज्यविहीन हैं.

सुषमा स्वराज ने अपने बयान में यह भी कहा है कि संकट से जूझ रहे रखाइन प्रांत में आर्थिक गतिविधियां तेज करने से समस्या हल हो सकती है. बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने भारत से म्यांमार पर निरतंर दबाव बनाने की अपील की है ताकि रोहिंग्या संकट का एक शांतिपूर्ण हल निकाला जा सके.

रोहिंग्या संकट पर भारत का रुख बदलने से चीन के म्यांमार को समर्थन देने की नीति पर भी फर्क पड़ेगा. चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी के एक अधिकारी ने शनिवार को कहा कि उनका देश म्यांमार को शांति और स्थिरता बनाए रखने में सहयोग देगा और उसके कदमों की निंदा करने वाले देशों में शामिल नहीं होगा.

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