Tuesday , November 21 2017
Home / AP/Telangana / रोहित वेमुला की ख़ुदकुशी स्म्रती ईरानी का बयान हक़ीक़त से अलग

रोहित वेमुला की ख़ुदकुशी स्म्रती ईरानी का बयान हक़ीक़त से अलग

हैदराबाद 28 फ़रवरी: ये इल्ज़ाम आइद करते हुए कि वज़ीर फ़रोग़ इन्सानी वसाइल स्मृति ईरानी के पार्लियामेंट में किए गए दावे ना सिर्फ हक़ायक़ के एतबार से ग़ैर दरुस्त और ग़लत हैं बल्कि उनसे पता चलता है कि वो ग़म-ज़दा अफ़रादे ख़ानदान दोस्त अहबाब और तलबा बिरादरी के ताल्लुक़ से इज़्ज़त-ओ‍-एहतेराम का जज़बा नहीं रखतीं। यूनीवर्सिटी आफ़ हैदराबाद के एससी एसटी टीचर्स फ़ोरम और फ़िक्रमंद फैकल्टी ने एक बयान जारी करते हुए ये बात कही और कहा कि ईरानी ने वाज़िह तौर पर रोहित वेमुला के दोस्तों को जो तकलीफ़ हुई है इस से ख़ुद को अलाहिदा कर लिया है। उन्होंने कहा कि रोहित वेमुला वाक़िया उस के साथ ना इंसाफ़ी का नतीजा है।

एससी एसटी टीचर्स फ़ोरम और फैकल्टी अरकान ने मर्कज़ी वज़ीर के नाम एक खुला मकतूब रवाना करते हुए सवाल किया कि क्या इन (वज़ीर) के लिए ये दरुस्त है कि वो अपने चहेते दोस्त की मौत के मसले में इस के ही दोस्तों को मोरीद-ए-इल्ज़ाम टहराईं। उनकी पार्लियामेंट में तक़रीर को एक हैरत-अंगेज़ अमल क़रार देते हुए फ़ोरम ने कहा कि यूनीवर्सिटी आफ़ हैदराबाद के कई फैकल्टी अरकान वो कुछ करने पर मजबूर हैं जो उन्होंने पिछ्ले एक महीने में किया है। उसी लिए वो रोहित के ताल्लुक़ से मकतूब तहरीर कर रहे हैं। स्टूडेंट के बारे में इज़हार-ए-ख़याल कर रहे हैं और तालीम की हालत के ताल्लुक़ से इज़हार-ए-ख़याल कर रहे हैं। उन्होंने मकतूब में कहा कि उन्होंने 24 फ़रव‌री को ईरानी को टीवी स्क्रीन पर देखा है। वो जज़बात से मग़;वब अंदाज़ और आवाज़ में बार-बार बच्चे का तज़किरा कर रही थीं जिसकी मौत को सियासी हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।

इन अरकान ने सवाल किया कि उन्हें वज़ीर मौसूफ़ा ने अपने साबिक़ा मकतूब में हैदराबाद यूनीवर्सिटी के मुतवफ़्फ़ी स्टूडेंट को नापाक क़ौम मुख़ालिफ़ ज़ात पात को फ़रोग़ देने वाला क़रार दिया था और वो अचानक उन के लिए बचा कब से बन गया। इन अरकान ने हैदराबाद यूनीवर्सिटी में ज़ात पात पर मबनी क़ौम मुख़ालिफ़ सरगर्मीयों का इद्दिआ करते हुए ईरानी की तरफ से जारी करदा मुक्तुबात का हवाला दिया।

उन्होंने कहा कि ये भी हैरत की बात है कि रोहित अपनी मौत के एक महीने बाद ईरानी के लिए बचा बन गया। उन्होंने ईरानी से सवाल किया कि क्या ख़ुद वही तो इस की मौत को सियासी हथियार के तौर पर इस्तेमाल नहीं कर रही हैं ?।

TOPPOPULARRECENT