Saturday , December 16 2017

रोहित वेमुला से ‘सॉरी’ नहीं बोलेगी ये ‘तानाशाह सरकार’

रोहित वेमुला स्कालरशिप

हैदराबाद/नई दिल्ली: रोहित वेमुला की ख़ुदकुशी के मुआमले में मोदी सरकार की जितनी भी फ़ज़ीहत हो लेकिन किसी तरह का कोई भी सबक़ ये सरकार सीखना नहीं चाहती. हैदराबाद के पीएचडी स्कॉलर रोहित वेमुला जिन्होंने 17 जनवरी 2016 को हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी में ज़बरदस्त प्रताड़ना झेलने के बाद ख़ुदकुशी कर ली थी कि सात महीने की स्कालरशिप जो उस वक़्त रुकी हुई थी 21 मार्च को उनकी माँ के नाम चेक के द्वारा, दी गयी. इस बारे में गौर करने की बात है कि सरकार ने ना तो इस देरी के लिए कोई माफ़ी मांगी है ना ही कोई खेद जताया है. इससे ये ज़ाहिर होता है कि सरकार किस तरह से स्टूडेंट के ख़िलाफ़ काम कर रही है. पिछले दिनों जिस तरह हैदराबाद यूनिवर्सिटी के छात्रों को मारा पीटा गया और बंदी बनाया गया वो अपने आप में शर्मनाक है.
छात्रों की मांग है कि केन्द्रीय मंत्री बंडारू दत्तात्रेय, यूनिवर्सिटी के वाईस चांसलर अप्पा राव और केन्द्रीय HRD मंत्री स्मृति इरानी पे कार्यवाही की जाए.

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