Monday , December 18 2017

रो़जगार के सुनहरे मवा़के – अगले साल

साल 2013 में मायूसकुन रुजहान के बाद अगले साल रोज़गार मार्कीट में तेज़ी आने की उम्मीद है। माहिरीन को यक़ीन है कि तक़र्रुरी महाज़ पर ख़राब दौर ख़त्म हो सकता है और मुलाज़मीन 2014 में तनख़्वाह में कम - से - कम 10-12 फ़ीसद इज़ाफ़ा की तवक़्क़ो कर सकते है

साल 2013 में मायूसकुन रुजहान के बाद अगले साल रोज़गार मार्कीट में तेज़ी आने की उम्मीद है। माहिरीन को यक़ीन है कि तक़र्रुरी महाज़ पर ख़राब दौर ख़त्म हो सकता है और मुलाज़मीन 2014 में तनख़्वाह में कम – से – कम 10-12 फ़ीसद इज़ाफ़ा की तवक़्क़ो कर सकते हैं।

आलमी इक़तिसादी हालत का असर और हिन्दुस्तान में इंतिख़ाबात या इक़तिसादी नरमी को लेकर फ़िक्र के बावजूद ज़्यादा तर माहिरीन और इंसानी वसाइल के बारे में मश्वरा देने वाली कंपनियों की एक राय है कि 2014 में तक़र्रुरी मंज़र नामे बेहतर रहेगा।

इन इलाक़ों में जॉब ही जॉब
जिन इलाक़ों में रोज़गार में तेज़ी आने का इमकान है, इसमें आई टी, सेहत, तालीम, तरक़्क़ी से मुताल्लिक़ इलाक़े शामिल हैं। साथ ही बैंकों के लिए लाईसेस दिए जाने से भी 2014 में रोज़गार में इज़ाफे का इमकान है।

TOPPOPULARRECENT