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रज़ामंदी से सेक्स करने की उम्र 16 करने पर जीओएम राजी

नई दिल्ली, 14 मार्च: रज़ामंदी से सेक्स की उम्र 18 साल से घटाकर 16 साल करने पर कैबिनेट ग्रुप ने अपनी मुहर लगा दी है। अब जीओएम के इस मसौदे को जुमेरात को मंजूरी के लिए कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। बिल में ताक झांक और पीछा करने के जुर्म को तमाम

नई दिल्ली, 14 मार्च: रज़ामंदी से सेक्स की उम्र 18 साल से घटाकर 16 साल करने पर कैबिनेट ग्रुप ने अपनी मुहर लगा दी है। अब जीओएम के इस मसौदे को जुमेरात को मंजूरी के लिए कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। बिल में ताक झांक और पीछा करने के जुर्म को तमाम तनाज़ो के बावजूद गैरजमानती जुर्म की दर्जे में रखा गया है।

वहीं रज़ामंदी से जिंसी ताल्लुक बनाने के लिए लड़की की उम्र 18 साल से घटा कर 16 साल करने की सिफारिश की गई है।

इसके अलावा जीओएम ने ‘जिंसी हमला’ की जगह ‘बलात्कार’ अल्फाज़ के इस्तेमाल पर भी अपनी मंज़ूरी दी है, तो झूठा मामला दर्ज कराने वालों के खिलाफ सजा के कानून की मांग को भी ठुकरा दिया है।

हालांकि ज़राए ने बताया कि कैबिनेट मंजूरी के बाद भी इस बिल की राह आसान नहीं है। सपा और बसपा समेत कई दूसरी पार्टी को कैबिनेट के कई मेम्बरो की तरह ही बिल के कुछ शराईत(Provisions) पर सख्त एतराज है।

मैबिने की मीटींग में सबसे ज़्यादा ताकझांक करने और पीछा करने के ज़ुर्म को गैरजमानती ( कानून) बनाने को लेकर हुआ।

कई मेम्बरों ने झूठा मामला दर्ज कराने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई के कानून बनाने की मांग की थी। मुखतलिफ पार्टी के लीडरों को भी बिल के कानूनी जामा पहनने पर इसके गलत इस्तेमाल का इम्कान है।

फिलहाल ख्वातीन के खिलाफ कड़े कानून से मुताल्लिक बिल पर सबकी निगाहें 18 मार्च पर टिकी है। सरकार ने इस बिल पर सभी पार्टियों की राय जानने और रज़ामंदी बनाने के लिए इसी दिन पार्टियों की बैठक बुलाई है।

जीओएम को उम्मीद है कि जुमेरात को कैबिनेट में बिल को मंजूरी मिल जाएगी। पहले भी कैबिनेट की दो बैठकों में इख्तेलाफ की वजह से यह बिल पास नहीं हो पाया था।

हालांकि बिल को पास होने को लेकर शक बरकरार है। पीर के बाद पार्लियामेंट की सिर्फ चार बैठकें बचेंगी, और इतने कम दिनो में पार्लियामेंट के दोनों ऐवानो में ये बिल पास होना मुश्किल दिख रहा है।

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