Wednesday , December 13 2017

लखनऊ के होटल ताज में इमाम ए हरम की इक़्तेदा में नमाज़

इमाम ए हरम शरीफ़ शेख़ डाक्टर ख़ालिद बिन अली अलग़ामदी को आज दिन में 11 बजे दार-उल-उलूम नदवतुल उलमा की वसीअ मस्जिद में दार-उल-उलूम के असातिज़ा, तलबा-ए-, ग़ैर तदरीसी अमले की तरफ़ से पुरविक़ार इस्तेक़बालीया दिया गया। इस मौक़ा पर दार-उल-उलूम के नाज़ि

इमाम ए हरम शरीफ़ शेख़ डाक्टर ख़ालिद बिन अली अलग़ामदी को आज दिन में 11 बजे दार-उल-उलूम नदवतुल उलमा की वसीअ मस्जिद में दार-उल-उलूम के असातिज़ा, तलबा-ए-, ग़ैर तदरीसी अमले की तरफ़ से पुरविक़ार इस्तेक़बालीया दिया गया। इस मौक़ा पर दार-उल-उलूम के नाज़िम मौलाना सैयद राबा हसनी नदवी दार-उल-उलूम नदवतुल उलमा के प्रिंसिपल मौलाना सैदालर हमन आज़मी, मौलाना सैयद वाज़िह रशीदी नदवी, मौलाना सैयद सलमान उल-हुसैनी नदवी, मौलाना अबदुल्लाह हुसैनी नदवी, मौलाना ख़ालिद ग़ाज़ी पूरी समेत असातिज़ा की बड़ी तादाद मौजूद थी। इस मौक़ा पर इमाम ए हरम ने अपने लखनऊ में किए जा रहे वालहाना इस्तेक़बाल के लिए शुक्रिया के कलिमात भी अदा किए। इमाम ए हरम शरीफ़ का क़ियाम शहर की सब से बड़ी होटल ताज में है जहां वो आज दिन में कुछ देर के लिए दार-उल-उलूम नदवतुल उलमा आए। वहां उन्होंने दार-उल-उलूम के असातिज़ा को गले लगाकर मुसाफ़ा किया।

दार-उल-उलूम नदवतुल उलमा में इन की ज़याफ़त भी की गई। कल इमाम ए हरम जब सऊदी एयर लाइंस से अमौसी हवाई अड्डा पर पहूंचे थे तो उन को उत्तर प्रदेश के वज़ीर-ए-आला अखिलेश यादव ने बाक़ायदा सरकारी मेहमान का दर्जा दे कर उन की बेहतर मेहमान नवाज़ी का ये पहला मौक़ा है कि जब किसी इमाम ए हरम या किसी बैरूनी मुल़्क की ग़ैरसरकारी शख़्सियत को सरकारी मेहमान का दर्जा दिया गया है।

इमाम ए हरम को अमौसी के इस वी वी आई पी लाईंस में तैय्यारा से उतरने के बाद उन्हें एक बस ने पहूँचाया जिस में उमूमन इंतिहाई अहम सरकारी शख़्सियात को ठहरने की इजाज़त होती है चूँकि वज़ीर-ए-आला अखिलेश यादव उन की वज़ारती कौंसल के अरकान में रियासत के वज़ीर-ए-सेहत अहमद हसन पेश पेश थे। वो इमाम ए हरम को लेकर वी वी आई पी लाइंस ले गए।

इमाम ए हरम ने होटल ताज के सब्ज़ा ज़ार पर इशा की मुकम्मल नमाज़ पढ़ाई। अगरचे इमाम ए हरम सफ़र की हालत में हैं, ऐसे में उन पर फ़र्ज़ नमाज़ की आधी रकातें वाजिब हैं लेकिन इसके बावजूद उन्होंने इशा की चार रकातें पढ़ायें। होटल ताज में इमाम ए हरम से मिलने वालों का तांता रात देर गए तक लगा रहा जिन में हिन्दू बिरादरान वतन भी शामिल थे।

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