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लड़की की पैदाइश बाइस बरकत , मन्हूस‌ ना समझें

हैदराबाद । १४ फरवरी :हज़रत अल्लामा मौलाना सय्यद तनवीर हाश्मी कादरी शतारी (बीजापूर) ने कहा कि हुज़ूर अकरम ई के ज़िक्र को बुलंद करते हुए इस बात का परवरदिगार ने ऐलान किया कि मेरा महबूब मेरी नेअमत है और इस महबूब को मैंने क़ासिम नेअमत ( त

हैदराबाद । १४ फरवरी :हज़रत अल्लामा मौलाना सय्यद तनवीर हाश्मी कादरी शतारी (बीजापूर) ने कहा कि हुज़ूर अकरम ई के ज़िक्र को बुलंद करते हुए इस बात का परवरदिगार ने ऐलान किया कि मेरा महबूब मेरी नेअमत है और इस महबूब को मैंने क़ासिम नेअमत ( तक़सीम करने वाला ) बनाकर दुनिया में भेजा हूँ ।

अल्लाह ताली ने जो भी नेअमतें आप को अता की हैं उसे आप ने अपने हद तक महिदूद ना रखा बल्कि उस को तक़सीम करते हुए , अरब की सरज़मीन जहां पर लड़कीयों को ज़िंदा दरगोर किया जाता और पैदाइश को मनहूस समझा जाता , आप ने लड़की की पैदाइश को बरकत क़रार दिया और कहा कि लोगो लड़कीयों की पैदाइश को मायूब ना समझो इस लिए कि में भी लड़कीयां वाला हूँ । इन ख़्यालात का इज़हार मौलाना सय्यद तनवीर हाश्मी कादरी शतारी ने आज सदाए इस्लाम के ज़ेर-ए-एहतिमाम रियास्ती इजतिमा बज़मन मीलाद उन्नबी(सल.) कान्फ़्रैंस से किया ।

हाकी ग्राउंड ( ईदगाह बलाली ) पर शम्मा मुहम्मदी के परवानों की बड़ी तादाद देखी गई । जब कि इस इजतिमा की सरपरस्ती मौलाना शेख़ ताज उद्दीन जुन्नैदी ने की । मौलाना हाफ़िज़ मुहम्मद मुहसिन आलम ने क़िरात सुनाई । मौलाना मुहम्मद अहमद नक़्शबंदी अमीर तहरीक सदाए इस्लाम ने मुक़र्ररीन-ओ-शुरका का ख़ैर मुक़द्दम किया और सदाए इस्लाम के अग़राज़-ओ-मक़ासिद पर रोशनी डाली । अल्लामा मौलाना सय्यद तनवीर हाश्मी ने कहा कि नबी करीम ई ने जब दावत दीन का आग़ाज़ किया तो वहां बड़ी मुश्किलात खड़ा करदिए गए । आपऐ ने तमाम हालात का मुक़ाबला किया ।

उन्हों ने कहा कि आज भी इसी वक़्त के माहौल को दुहराने की कोशिश की जा रही है । हाल ये है कि इज़्ज़तें नीलाम होरही हैं , ख़ून-ओ-क़तल , ग़ारतगरी का बाज़ार गर्म है । जहेज़ की लेन और हुर्रा सानी का सिलसिला जारी है । मौलाना अबदुल्लाह क़ुरैशी इलाज़ हरी ख़तीब मक्का मस्जिद की 25 साला दीनी , इलमी-ओ-मज़हबी ख़िदमात के एतराफ़ में शाल-ओ-मोमनटो पेश किया गया । इस मौक़ा पर मौलाना अबदुल्लाह क़ुरैशी इलाज़ हरी ने अरबी ज़बान में आमता अलमुस्लिमीन के हक़ में दुआ की । मौलाना मुफ़्ती ख़लील अहमद शेख़ इलजा मआ निज़ामीया , मौलाना सय्यद ज़िया उद्दीन नक़्शबंदी , अल्लामा सय्यद बदी उद्दीन साबरी , मौलाना अबदुलक़ादिर सूफ़ी-ओ-दीगर उलमाए किराम ने नबी करीमऐ की हयात तुय्यबा के मुख़्तलिफ़ गोशों पर रोशनी डाली और नौजवानों को नसीहत की कि वो आक़ाए नामदार से अपने आप को वाबस्ता कर लीं ।

अल्लाह ताली ने आप ई के ज़िक्र को बुलंद किया है और जब तक सूरज चांद रहेगा ये ज़िक्र बुलंद होता ही रहेगा । अल्हाज सी ऐम इबराहीम साबिक़ मर्कज़ी वज़ीर ने कहा कि नबुव्वत का सिलसिला तो ख़तन हुआ लेकिन वलाएत का सिलसिला जारी है । अल्लाह ताली अपने हबीब को सिराजन मनीरन ( रोशन चिराग़ ) बना कर मबऊस क्या एक चिराग़ जिस तरह दूसरे चराग़ों को रोशन करता है इसी तरह आप की शख़्सियत के ज़रीया आप ही की उम्मत में ऐसे नादिर चिराग़ पैदा हुए जो सुबह क़ियामत तक दीन इस्लाम के पैग़ाम को आम करने और नबी करीम ई की विलादत बह सआदत के मनाने के सिलसिला को जारी रखेंगे । उन्हों ने कहा कि मुस्लमानों पर ख़्वाहमख़्वाह फ़िर्कापरस्ती का इल्ज़ाम लगाया जाता है , ना हम फ़िर्कापरस्ती और ना हम दहश्त पसंद हैं ।।

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