Friday , December 15 2017

लागू हुआ कानून: Sexual harassment की झूठी शिकायत पर गंवानी पड़ेगी नौकरी

दफ्तर में Sexual harassment रोकने वाला कानून पीर के रोज़ से ही लागू हो गया है। इस कानून में खाती को सख्त सजा से लेकर नौकरी से बर्खास्त करने का कानून है। झूठी शिकायत कराने पर शिकायतगुजार के लिए भी ऐसी ही सजा का निज़ाम है।

दफ्तर में Sexual harassment रोकने वाला कानून पीर के रोज़ से ही लागू हो गया है। इस कानून में खाती को सख्त सजा से लेकर नौकरी से बर्खास्त करने का कानून है। झूठी शिकायत कराने पर शिकायतगुजार के लिए भी ऐसी ही सजा का निज़ाम है।

Women and Child Development Minister कृष्णा तीरथ ने जुमे के रोज़ लोकसभा को यह मालूमात फराहम करायी । पिछले साल 16 दिसंबर को दिल्ली रेप केस से पैदा हुए गुस्से व नाराज़गी के बाद दफ्तर में ख्वातीन के Sexual harassment (Stop, Prohibition and Prevention) कानून 2013 बना था। इसे 22 अप्रैल 2013 को पार्लियामेंट की मंजूरी मिली।

पीर के रोज़ इसका नोटीफिकेशन जारी किया गया । इस कानून के बाद 10 या इससे ज़्यादा मुलाज़्मीन वाले सभी दफ्तरों में एक अंदरूनी कमेटी कायम करना लाज़मी हो गया है।

हाल ही में ऐसे कई मामले देखने में आए हैं, जिनमें खातून ने दफ्तर पर Harassment के इल्ज़ाम लगाए हैं। ताजा मामला तहलका के एडिटर-इन-चीफ तरुण तेजपाल का है, जिसमें उन पर उनकी साथी सहाफी खातून ने Sexual harassment का इल्ज़ाम लगाया है।

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