Wednesday , December 13 2017

लाचार लड़कियों का स्टिक से हमल गिराया जाता था

नई दिल्ली, । अपना घर में हैवानियत का एसा नंगा नाच होता था कि जिसे देखकर इन्सान तो क्या शैतान की रूह भी कांप उठे। अदालत कि तरफ से बनाई गइ कमेटी को दिए पीड़ित लड़कियों के बयानों ने उनके साथ हुए हैवानियत के सलुक‌ की ऐसी दर्द भरी दास्तान द

नई दिल्ली, । अपना घर में हैवानियत का एसा नंगा नाच होता था कि जिसे देखकर इन्सान तो क्या शैतान की रूह भी कांप उठे। अदालत कि तरफ से बनाई गइ कमेटी को दिए पीड़ित लड़कियों के बयानों ने उनके साथ हुए हैवानियत के सलुक‌ की ऐसी दर्द भरी दास्तान दुनिया के सामने लाकर रख दी है, जिसे सुनकर मुहज्जब‌ समाज शर्मसार हो उठे।

रोहतक जिले की श्रीनगर कालोनी में संरक्षण गृह [अपना घर] में रह रही लड़कियों कि तरफ से यौन उत्पीड़न का विरोध करने पर उन्हें निर्वस्त्र कर छत के पंखे से उलटा लटका दिया जाता था। इन दरिंदों ने मूक-बधिर और विक्षप्ति लड़कियों को भी अपनी हवस का शिकार बना डाला था। एक मूक-बधिर और एक विक्षप्ति लड़की के हामिला( गर्भवती) होने पर इन नरपिशाचों ने दरिंदगी की सभी हदें पार करते हुए दोनों लड़कियों के संवेदनशील अंगों में स्टिक [लकड़ी] आदि घुसेड़कर जबरन गर्भपात कराया था।

यहां रहने वाले बच्चों और लड़कियों का न सिर्फ‌ यौन शोषण किया जाता था, बल्कि यहा से उन्हें बाहर पार्टियों में भी देह व्यापार के लिए भेजा जाता था। इनमें सरकारी अधिकारियों की पार्टिया भी शामिल थीं।

एनजीओ मालकिन जसवंती का दामाद इन लड़कियों के साथ जब-तब दुष्कर्म करता रहता था। कमेटी की रिपोर्ट में इस बात का भी खुलासा किया गया है कि यहा से कई विदेशी ग्राहकों को भी मासूम लड़किया सप्लाई कराई जाती थीं। विदेशी यहा फिल्म बनाने के लिए आते थे। बच्चों से कहा जाता था कि अंकल तुम्हें प्यार करेंगे।

ज्ञात हो कि भारत विकास संघ द्वारा संचालित अपना घर संरक्षण गृह में 9 मई 2012 को शिकायत मिलने के बाद राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने छापा मारकर 10 से 15 साल के बीच की 94 लड़कियों को सुरक्षा में लिया था, जिनके साथ तरह-तरह के अमानवीय कृत्य किए जाते थे।

इन बच्चियों के कपडे उनार‌ उनका वीडियो भी तैयार किया जाता था। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिसवालों के शामिल होने के बारे में भी जाच चल रही है। एक लड़की के एचआइवी संक्रमित होने के बारे में भी कोर्ट द्वारा गठित कमेटी ने बताया है। लड़कियों ने बताया कि वो अगर यौन उत्पीड़न का विरोध करती थीं तो उन्हें निर्वस्त्र कर छत के पंखे से उलटा लटकाया जाता था। कमेटी ने रिपोर्ट में बताया कि बोलने और सुनने में अक्षम एक लड़की और मानसिक रूप से बीमार एक दूसरी लड़की के गर्भवती हो जाने पर वीभत्स तरीके से उसका गर्भपात कराया गया।

हरियाणा पुलिस पर गंभीर आरोप है कि वो इन सब में मदद करने के साथ ही संरक्षण गृह का नियमित दौरा कर लड़कियों के साथ यौन अत्याचार करती रही।

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