Tuesday , December 12 2017

लालगढ़ में केसरिया धमक

एसेम्बली इंतिख़ाब में बगोदर का इंतिखाबी रिजल्ट ने सबको चौंकाया है। 25 सालों से माले के कब्जे बगोदर रहा। माले के मरहूम महेंद्र प्रसाद सिंह यहां से तीन बार एमएलए रहे। उनकी सियासी विरासत को विनोद सिंह ने आगे बढ़ाया। महेंद्र सिंह की शह

एसेम्बली इंतिख़ाब में बगोदर का इंतिखाबी रिजल्ट ने सबको चौंकाया है। 25 सालों से माले के कब्जे बगोदर रहा। माले के मरहूम महेंद्र प्रसाद सिंह यहां से तीन बार एमएलए रहे। उनकी सियासी विरासत को विनोद सिंह ने आगे बढ़ाया। महेंद्र सिंह की शहादत के बाद साल 2005 में एमएलए बने। वह 2009 में दुबारा चुने गये। इस बार भाजपा के उम्मीदवार नगेंद्र महतो ने शिकस्त दी। नगेंद्र महतो बगोदर में पुराने चेहरे हैं। माले के खिलाफ मुसलसल इंतिख़ाब लड़ रहते हैं। गुजिशता इंतिख़ाब झाविमो की टिकट से लड़े थे। नगेंद्र महतो के सहारे केसरिया रंग ने लाल गढ़ में धमक दी है। बगोदर में मोदी लहर में लाल लहर काम नहीं आया। विनोद सिंह चार हजार से ज्यादा वोट से हार गये। हालांकि बगल की राजधनवार की सीट जीत कर माले ने अपना हिसाब बराबर कर लिया है। राजधनवार सीट पर राजकुमार यादव लंबे वक़्त से जद्दो-जहद करते रहे हैं। गुजिशता इंतिख़ाब में भी बहुत कम अंतर से हारे थे।

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