Wednesday , May 23 2018

लालू को लगा झटका, नहीं मिली जमानत

चारा घोटाले में पांच साल की सजा काट रहे राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद को झारखंड हाई कोर्ट ने जुमे के दिन राहत देने से इन्कार कर दिया। जस्टिस आरआर प्रसाद की बेंच ने लालू की दरखास्त पर सुनवाई करते हुए उन्हें जमानत देने स

चारा घोटाले में पांच साल की सजा काट रहे राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद को झारखंड हाई कोर्ट ने जुमे के दिन राहत देने से इन्कार कर दिया। जस्टिस आरआर प्रसाद की बेंच ने लालू की दरखास्त पर सुनवाई करते हुए उन्हें जमानत देने से इन्कार कर दिया और निचली अदालत से मामले का रिकार्ड मांगा है। अदालत ने कहा कि आगे की सुनवाई रिकार्ड आने के बाद की जाएगी। दरखास्त ज़ेर ए गौर रहने के दौरान लालू की ओर से सजा पर रोक लगाने और जमानत दिए जाने की मांग की गई थी। इस दौरान अदालत ने दिगर 11 मुल्ज़िमो को जमानत दे दी।

इसके पहले लालू प्रसाद की ओर से रियासत के साबिक वकील अनिल कुमार सिन्हा ने सीबीआइ पर जांच में इम्तियाजी सुलूक (भेदभाव) का इल्ज़ाम लगाया। उन्होंने कहा कि निचली अदालत ने उनके हक को बिना समझे सजा सुना दी। लालू के वकील ने अदालत को बताया कि चाईबासा के वकील अमित खरे ने अपने बयान में कहा था कि 1996 में जैसे ही इस मामले की मालूमात हासिल हुई , लालू ने फायनेंस कमिश्नर (Finance Commissioner) को खत लिखकर कार्रवाई के लिए कहा था।

लालू प्रसाद ने तीन दिन के अंदर एफआइआर दर्ज करने का भी हुक्म दिया था और बाद में उन्हें ही मुल्ज़िम अभियुक्त बना दिया गया। लिहाजा हाई कोर्ट इसकी दुबारा सुनवाई करे और लालू प्रसाद को राहत दे ।

इस दौरान चारा घोटाले में सजा पाए डॉ. केएम प्रसाद समेत 11 मुल्ज़िमों को हाई कोर्ट ने जमानत दे दी। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि मामले के ट्रायल के दौरान सभी मुल्ज़िम जेल में थे और दी गई सजा की आधी मुद्दत जेल में काट चुके हैं। हालांकि इन लोगों का रिकार्ड भी निचली अदालत से तलब किया गया है।

लालू के साथ सजा पाए आरके राणा, हरीश कुमार व रविंद्र कुमार मेहरा की दरखास्त पर सुनवाई अगले हफ्ते होगी। गौरतलब है कि चाईबासा जेल से 37.70 करोड़ रुपये की गैर कानूनी इंखला (Illegal extraction) के इल्ज़ाम में सीबीआइ की खुसूसी अदालत ने लालू यादव को पांच साल की सजा सुनाई है।

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