Tuesday , July 17 2018

लालू प्रसाद यादव पर नीतीश कुमार की खामोशी गठबंधन पर क्या होगा असर

पटना।भ्रष्टाचार के मामले में राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ सीबीआई के नए केस के बाद उनकी पार्टी ने भले ही आक्रामक रुख अपनाया हो, लेकिन उनकी सहयोगी पार्टी जदयू ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है और लालू के बचाव में अब तक कोई बयान नहीं दिया है।

जदयू के कई नेताओं ने चारा घोटाले के एक मामले में पहले ही दोषी करार दिए जा चुके लालू के खिलाफ नए केस को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। इससे संकेत मिल रहे हैं कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी मिस्टर क्लीन की छवि बरकरार रखना चाहते हैं और विपक्षी एकता में सेंध लगाते हुए दिखना भी नहीं चाहते।

एनडीए के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद का समर्थन करके उन्होंने विपक्षी खेमे में खलबली मचा दी थी। राजद सुप्रीमो की बढ़ती मुश्किलों के बीच जदयू के एक नेता ने कहा कि उनकी पार्टी आने वाले कुछ हफ्तों और महीनों में देखेगी कि चीजें किस तरह आगे बढ़ती हैं।

जदयू नेताओं के एक तबके का मानना है कि आज के घटनाक्रम के बाद नीतीश की स्थिति मजबूत होगी जबकि लालू कमजोर होंगे, जिससे बिहार में सत्ताधारी महागठबंधन में उनकी तोलमोल की शक्ति कम पड़ जाएगी और मुख्यमंत्री नीतीश को सरकार चलाने में ज्यादा आजादी मिल सकेगी।

यह पूछे जाने पर कि क्या महागठबंधन सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी, इस पर कई जदयू नेताओं ने कहा कि बिहार की मौजूदा सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी।

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