Monday , July 23 2018

लालू-मोदी ने दिया एलेक्शन कमीशन की नोटिस का जवाब

पटना : राजद सरबराह लालू प्रसाद यादव और भाजपा लीडर व साबिक़ नायब वजीरे आला सुशील कुमार मोदी ने ज़ाब्ता एखलाक कानून के खिलाफवर्जी मामले में एलेक्शन कमीशन को उसके नोटिस का जवाब सौंप दिया है। जवाब में सुशील मोदी ने कहा है कि हमने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों और रियासत के पॉलिसी के मुताबिक ही एलानात की हैं। पटना हाइकोर्ट के वकील सुबोध कुमार झा के जरिये से कमीशन को 18 पेज के जवाब में उन्होंने कहा है कि मेरे खिलाफ दर्ज एफ़आईआर को मुस्तर्द करते हुए ज़ाब्ता एखलाक कानून के खिलाफवर्जी के इल्ज़ाम से मुङो आज़ाद किया जाये। मोदी ने कहा है कि किसी भी सियासी पार्टी और उसके लीडर का जवाबदेही है कि अपने रियासत के लोगों की ज़िंदगी की सतह, सेहत में सुधार की कोशिश करें। पार्टी के जिम्मेवार लीडर होने के नाते मैंने जो एलानात की हैं, वे पार्टी के नज़रिये से खत में समुलियत हैं।

वहीं, लालू प्रसाद ने कमीशन को भेजे अपने वजाहत में कहा है कि मैंने बैकवर्ड-फारवर्ड की बात नहीं कही है। राममनोहर लोहिया के असूलों को माननेवाले हैं। लोहिया जी सियासत में जो बात करते रहते थे, वहीं बातें कही गयी हैं। इसमें किसी तरह की बदनीयती नहीं है। अगर कमीशन जवाब से मुतमइन होता है, तो ठीक है, नहीं तो वह ज़ाती तौर से हाजिर होकर जवाब देने को तैयार हैं।

भाजपा के सीनियर लीडर सुशील मोदी ने एलेक्शन कमीशन के ज़ाब्ता एखलाक के खिलाफवर्जी के लेकर नोटिस का जवाब देते हुए कहा कि उनके बयान से न तो ज़ाब्ता एखलाक का खिलाफवर्जी होता है और न ही बदउनवान तर्ज़अमल के तहत आता है। सुशील ने मंगल को एक प्रेस रिलीज़ जारी कर 28 सितंबर को कैमूर जिला हेड क्वार्टर भभुआ के जगजीवन स्टेडियम में मुनक्कीद एक सभा के दौरान रियासत की अवाम के किए गए वादों पर एलेक्शन कमीशन की तरफ से एक अक्तूबर को जारी की गयी नोटिस का जवाब देते हुए कहा कि अवाम से यह कहना कि इंतिख़ाब जीतने पर महादलित बस्ती में कलर टीवी लगाया जायेगा, मैट्रिक व इंटर के 50 हजार मेधावी तालिबा इल्म को लैपटाप व गरीबों को धोती-साड़ी देने से न तो ज़ाब्ता एखलाक का खिलाफवर्जी होता है और न ही यह बदउनवान तर्ज़ अमल के तहत आता है।

 

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