Thursday , December 14 2017

लाल मस्जिद केस: मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी वारेंट मंसूख़

एक पाकिस्तानी अदालत ने साबिक़ फ़ौजी हुक्मरान परवेज़ मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ लाल मस्जिद पर फ़ौजी हमला और वहां के इमाम अबदुर्रशीद ग़ाज़ी की हलाकत का ज़िम्मेदार क़रार देते हुए ज़ेरीं अदालत ने गिरफ़्तारी वारेंट जारी किया था, उसे मुशर्रफ़ के वकील

एक पाकिस्तानी अदालत ने साबिक़ फ़ौजी हुक्मरान परवेज़ मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ लाल मस्जिद पर फ़ौजी हमला और वहां के इमाम अबदुर्रशीद ग़ाज़ी की हलाकत का ज़िम्मेदार क़रार देते हुए ज़ेरीं अदालत ने गिरफ़्तारी वारेंट जारी किया था, उसे मुशर्रफ़ के वकील के इस वाअदा के बाद कि मुशर्रफ़ आइन्दा समाअत पर शख़्सी तौर पर हाज़िर होंगे, गिरफ़्तारी वारेंट को कलअदम क़रार दिया।

गिरफ़्तारी वारेंट को हाइकोर्ट में चैलेंज किया गया था जिस के बाद अदालत ज़ेरीं के अहकाम को कलअदम क़रार दिया गया जिन से मुशर्रफ़ की अदालत से मुसलसल गैर हाज़िरी की बुनियाद पर गिरफ़्तारी वारेंट जारी किया था। लाल मस्जिद से दहश्तगर्दों को निकाल बाहर करने के लिए फ़ौजकुशी की गई थी जिस में इमाम अबदुर्रशीद ग़ाज़ी भी हलाक हुए थे।

उन्हों ने उस वक़्त के वज़ीरे आज़म नवाज़ शरीफ़ को माज़ूल कर दिया था और तब से लेकर आज तक कई सियासी नशेबो फ़्राज़ के बाद नवाज़ शरीफ़ एक बार फिर मुल्क के मौजूदा वज़ीरे आज़म हैं।

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