Sunday , August 19 2018

लावारिस नाशों का ढेर

हमारे मुल्क में अक्सर नाशों के सौदागर, नाशों पर सियासत करने वाले, नाशों पर से गुज़रने ज़िंदा नाशें और नाशों के सारिक जैसे मुहावरे अक्सर और बेशतर सुनने में आते हैं।

हमारे मुल्क में अक्सर नाशों के सौदागर, नाशों पर सियासत करने वाले, नाशों पर से गुज़रने ज़िंदा नाशें और नाशों के सारिक जैसे मुहावरे अक्सर और बेशतर सुनने में आते हैं।
उस्मानिया जेनरल हॉस्पिटल के मुर्दा ख़ाना के बैरूनी हिस्सों में नाशों के ढेर लगे हुए हैं। नाशों की मुंतक़ली के लिए बल्दिया की गाड़ी का इंतेज़ार किया जा रहा है।

उस्मानिया हॉस्पिटल के मुर्दा ख़ाना के कोल्ड रुम में सिर्फ़ 40 नाशों की गुंजाइश है लेकिन बैरूनी हिस्सा में मज़ीद 140 नाशें पड़ी हुई थी और वहां नाशों के मुतअद्दिद ढेर को देखने वाले ना सिर्फ़ हैरान हो गए बल्कि उन के ज़हनों में ये सवालात गर्दिश कर रहे थे।

कि आख़िर इस मुर्दा ख़ाना में गुंजाइश से कई गुना ज़्यादा नाशें क्यों रखी गईं? इस के पीछे किया मक़ासिद कारफ़र्मा हैं? इस ग़ैर इंसानी रवैया या अमल की सरपरस्ती कौन कर रहा है?

आया बल्दिया ने नाशों की मुंतक़ली के लिए जिस ग़ैर सरकारी तंज़ीम से मुआमलत की है इसी तंज़ीम ने नाशों को ढाई माह से क्यों नहीं उठाया? क्या ये तंज़ीम और बल्दिया अतराफ़ और अकनाफ़ ताफ़्फ़ुन फैलने और उस्मानिया हॉस्पिटल में मौजूद मरीज़ों को मज़ीद बीमार करने के ख़ाहां थे? हम भी इन ही सवालों पर ग़ौर कर रहे थे।

मुर्दा ख़ाना के हुक्काम ने बल्दिया को बार बार मक्तूबात रवाना करते हुए नाशों को फ़ौरी शमशान घाट मुंतक़िल करने की जानिब तवज्जा दिलाई लेकिन किसी ने भी इस पर तवज्जा नहीं दी।

हद तो ये है कि ये ग़ैर सरकारी तंज़ीम अपने वेब साईट पर मरने वालों की तसावीर दिखाने के लिए लापता अफ़राद के अरकान ख़ानदान से फ़ी तस्वीर 50 रुपये वसूल करती है। इस तरह नाशों पर इस का कारोबार चल रहा है।

ज़रूरत इस बात की है कि इस स्कैंडल की तहा तक पहुंचने के लिए हुकूमत आला तहक़ीक़ात कराए और ख़ाती पाए जाने वाले बल्दी ओहदेदारों के साथ साथ नाशों के ढेरों पर रक़म बटोरने वाली ग़ैर सरकारी तंज़ीम के ज़िम्मेदारों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई करे। नोट : नाशों की वीडीयो को सियासत के वेब साईट पर देखा जा सकता है। [email protected]

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