Tuesday , December 12 2017

लाश‌ दफनाने से खानदान‌ का इंकार: असम हिंसा

असम में अस्करियत पसन्द तशद्दुद‌ में मारे गए लोगों के रिश्तेदारों ने लाशों का आखरी रस्म‌ करने से इनकार कर दिया है। उनकी मांग है कि जब तक रियासत‌ के वजीरे आला तरूण गोगोई उनसे मिलने नहीं आएंगे, तब तक वे आखरी रस्म पूरा नहीं करेंगे।

असम में अस्करियत पसन्द तशद्दुद‌ में मारे गए लोगों के रिश्तेदारों ने लाशों का आखरी रस्म‌ करने से इनकार कर दिया है। उनकी मांग है कि जब तक रियासत‌ के वजीरे आला तरूण गोगोई उनसे मिलने नहीं आएंगे, तब तक वे आखरी रस्म पूरा नहीं करेंगे।

नानकेखद्रबाडी इलाके में मुजाहरीन‌ ने आज कहा कि जब तक गोगोई नहीं आते हैं और जाती तौर पर‌ हमारे जानमाल की हिफाजत‌ का यकीन‌ नहीं देते हैं तब तक हम 18 लोगों का आखरी रस्म अदा नहीं करेंगे। इन लाशों में बच्चे और औरतें भी शामिल हैं। अलाकाई लोगों ने बताया कि क्या हमारे जिन्दगी का कोई कीमत‌ नहीं है। हम लोग सिर्फ हिफाजत‌ और यकीन‌ में हमला एवं कत्ल‌ नहीं हो इसकी मांग कर रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि जिला इन्तेजामियां तशद्दुद मुतासिरा लोगों को हिफाजत‌ और तहफ्फुज‌ देने के बजाय जनाजा नहीं निकालने पर अब गिरफ्तार करने की धमकी दे रही है।

वजीरे आला के इस इलाके में आने को लेकर सरकारी जराय‌ से अभी फिल्हाल‌ कोई खबर‌ नहीं मिली है। जुमा शब‌ में भारी हथियारों से लैस एनडीएफबी-एस के अस्करियतों ने 18 लोगों की कत्ल‌ कर दी और 100 से ज्यादा घरों में आग लगा दी। बीटीएडी के बक्सा और कोकराझार जिले में अकलियती कम्यूनिटी के खिलाफ अस्करियत तंजीम जरिया किये| एक मई के बाद किये गये हमलों में 32 लोग मारे गये हैं, कई दिगर जख्मी हुए हैं और हजारों लोग बेघर हो गये हैं।

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