Tuesday , June 19 2018

लीबीयाई अफ़्वाज क़ज़ाफ़ी के आबाई क़स्बा के मर्कज़ में पहुंच गईं

सरत (लीबिया) । 10 अक्तूबर ( ए एफ़ पी) लीबिया की नई सरकारी अफ़्वाज आज सुरत के मर्कज़ की सिम्त पेशरफ़त करने के लिए क़दम क़दम पर मुज़ाहमत का सामना कर रही थीं।

सरत (लीबिया) । 10 अक्तूबर ( ए एफ़ पी) लीबिया की नई सरकारी अफ़्वाज आज सुरत के मर्कज़ की सिम्त पेशरफ़त करने के लिए क़दम क़दम पर मुज़ाहमत का सामना कर रही थीं।

इन की नज़र मुअम्मर क़ज़ाफ़ी के आबाई क़स्बा पर आख़िर कार क़बज़ा करने के अलामती इनाम पर जमी हुई थीं। इस क़स्बा का गुज़श्ता एक माह से मुहासिरा किया जा रहा था लेकिन क़ज़ाफ़ी के कट्टर हामी ख़ौफ़नाक मुज़ाहमत कर रहे थे और उन के दूसरे बाक़ी मुस्तहकम गढ़ बनी वलीद ने भी भी जवाबी हमलों में शिद्दत पैदा कर दी थी जिस से क़ौमी उबूरी कौंसल के 17 फ़ौजी हलाक हो गए।

नई हुकूमत की अफ़्वाज दबाबों की मदद से सरत के क़लब की सिम्त मशरिक़ी मोर्चों से बहर-ए-रुम के साहिल के साथ साथ पेशरफ़त कर रही थीं जबकि उन पर ज़बरदस्त राकेट और हलके असलाह से फायरिंग जारी थीं।

वो क़दम ब क़दम पेशरफ़त कर रहे थे । उबूरी हुकूमत के कमांडर तारिक़ दरीसा ने कहा कि वो अब सिर्फ ढेढ़ किलो मीटर दूर हैं। तमाम सड़कें जली हुई गाड़ीयों के मलबा से भरी हुई थीं क्योंकि नई हुकूमत के दबाबो और तोप ख़ानों से क़ज़ाफ़ी के मोर्चों पर खुले मैदान में फायरिंग की गई थी।

फ़ैसलाकुन हमला के तीसरे दिन नई हुकूमत की फ़ौजों ने सरत के कान्फ़्रैंस सैंटर, यूनीवर्सिटी कैंपस और हस्पताल पर कल क़बज़ा कर लिया था लेकिन इस के लिए फ़ौज को भारी क़ीमत चुकानी पड़ी। 13 फ़ौजी हलाक और 90 जख्मी हो गई।

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