Monday , December 11 2017

लेबर इस्लाहात के ज़रिए तरक़्क़ी, वज़ीर-ए-आज़म मोदी का ऐलान

वज़ीर-ए-आज़म नरेंद्र मोदी ने आज मुतअद्दिद लेबर इस्लाहात का ऐलान किया है जिस से तिजारत को शफ़्फ़ाफ़ बनाने और मुलाज़मीन के लिए वज़ा करदा क़वानीन को नरम बनाने में मदद मिलेगी। उन्हें तबदीली -ए-रोज़गार के साथ सोश्यल सिक्योरटी फंड्स को मुंतक

वज़ीर-ए-आज़म नरेंद्र मोदी ने आज मुतअद्दिद लेबर इस्लाहात का ऐलान किया है जिस से तिजारत को शफ़्फ़ाफ़ बनाने और मुलाज़मीन के लिए वज़ा करदा क़वानीन को नरम बनाने में मदद मिलेगी। उन्हें तबदीली -ए-रोज़गार के साथ सोश्यल सिक्योरटी फंड्स को मुंतक़िल करने में भी आसानी होगी।

मर्कज़ी लेबर क़वानीन से मरबूत 16 फॉर्म्स की ख़ाना पुरी करने के बजाय अब आ जरीन को ऑनलाइन दस्तियाब वाहिद फ़ार्म की ख़ाना परी करना होगा। वज़ारत लेबर की निगरानी में क़ायम करदा एक नई वेबसाइट में तमाम कंपनीयों को ऑनलाइन फॉर्म्स पर करने की इजाज़त होगी और वो अपनी शिकायात भी पेश करसकते हैं।

वज़ीर-ए-आज़म मोदी ने लेबर इस्लाहात का ऐलान करते हुए कहा कि अब इन्सपेक्टर राज ख़त्म होगा , आ जरीन को अपने कारोबार की पुरसुकून अंजाम दही में सब से बड़ी रुकावट दूर होगी। इन इस्लाहात से इमतियाज़ी सुलूक ख़त्म होजाएगा। दीनदयाल उपाध्याय सरमिए जीते के नाम से मानून इस्लाहात इसकीमात में एम्पलॉयज़ प्रावीडेंट फ़ंड आर्गेनाईज़ेशन के लिए यूनीवर्सल एका नंबर भी शामिल किया गया है।

80 मुलैय्यन ई पी एफ़ ओ के अरकान हैं। उन के फंड्स को मुंतक़िल करने में मुश्किलात पेश आरही हैं, इसी वजह से इस तरह के अक़े में 270 बिलीयन रुपये फंसे हुए हैं।

TOPPOPULARRECENT