लोकसभा चुनाव की मतगणना की तैयारियां पूरी, देर शाम तक आ सकते हैं पुरे नतीजे

लोकसभा चुनाव की मतगणना की तैयारियां पूरी, देर शाम तक आ सकते हैं पुरे नतीजे

लोकसभा की 543 में 542 सीटों पर चुनाव के सात दौर की वोटिंग के बाद  गुरुवार को होने वाली मतगणना की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. सभी लोकसभा सीटों के लिए बनाए गए मतगणना केंद्रोंं पर सुबह आठ बजे से वोटों की गिनती शुरू हो जाएगी. एक अधिकारी ने कहा कि देर शाम तक परिणाम आने की संभावना है. लोकसभा चुनाव में पहली बार ईवीएम के मतों का सत्यापन करने के लिए वीवीपीएटी की पर्चियों से मिलान किए जाने के कारण चुनाव परिणाम घोषित होने में थोड़ा विलंब होने की आशंका से चुनाव आयोग ने इनकार नहीं किया है.

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में किसी एक विधानसभा क्षेत्र के किन्हीं पांच मतदान केन्द्रों की वीवीपीएटी मशीनों की पर्चियों का मिलान ईवीएम के मतों से किया जाएगा. इस बाध्यता का हवाला देते हुए आयोग के एक अधिकारी ने कहा कि देर शाम तक परिणाम आने की संभावना है. चुनाव मैदान में किस्मत आजमा रहे प्रमुख नेताओं में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा विभिन्न केंद्रीय मंत्री, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव सहित विभिन्न दलों के प्रमुख नेता शामिल हैं.

542 सीटों पर 8,000 से अधिक प्रत्याशी
सात चरण के मतदान के बाद 542 सीटों पर 8,000 से अधिक प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला 23 मई को मतगणना के बाद होगा. तमिलनाडु की वेल्लोर सीट पर गड़बड़ी की शिकायतों के बाद आयोग ने मतदान स्थगित कर दिया था.

बीजेपी- कांग्रेस के अलग-अलग दावे
मतदान के बाद आए एक्जिट पोल के अधिकतर नतीजों में भाजपा की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के फिर से सत्ता में आने की संभावना जताई गई है. हालांकि विपक्षी दलों ने एक्जिट पोल के नतीजों को खारिज करते हुए कांग्रेस सहित अन्य दलों की मौजूदगी वाले गठबंधन की सरकार बनने का दवा किया है.

अब तक का सबसे अधिक मतदान
लोकसभा चुनाव के लिए 11 अप्रैल से 19 मई तक सात चरणों में हुए मतदान में 90.99 करोड़ मतदाताओं में से करीब 67.11 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है. भारतीय संसदीय चुनाव में यह अब तक का सबसे अधिक मतदान है.

सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती होगी
चुनाव आयोग ने अभी तक गुरुवार को होने वाली मतगणना के केन्द्रों की संख्या उपलब्ध नहीं कराई है. प्रक्रिया के मुताबिक, सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती की जाएगी. चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि हाथों से डाक मतपत्रों को गिनने के कारण लगने वाले अतिरिक्त समय को बचाने के लिये डाक मतपत्रों और ईवीएम के मतों की गणना एक साथ की जाएगी.

ड्यूटी पर तैनात रहे 18 लाख मतदाता
ड्यूटी पर तैनात मतदाताओं (सर्विस वोटर) की संख्या करीब 18 लाख है. इनमें सशस्त्र बल, केन्द्रीय पुलिस बल और राज्य पुलिस बल के जवान शामिल हैं जो अपने संसदीय क्षेत्र से बाहर तैनात हैं. विदेश में भारतीय दूतावासों में पदस्थ राजनयिक और कर्मचारी भी सेवा मतदाता हैं. इन 18 लाख पंजीकृत मतदाताओं में से 16.49 लाख ने 17 मई को अपने अपने रिटर्निंग अधिकारियों को डाक मतपत्र भेज दिए थे.

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