Thursday , December 14 2017

लोकसेवकों को संरक्षण देने वाले अध्यादेश को लेकर हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को जारी किया नोटिस

जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने वसुंधरा राजे के विवादित अध्यादेश के मद्देनजर शुक्रवार को केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मुख्यमंत्री राजे का यह विवादित अध्यादेश लोकसेवकों को संरक्षण देने वाला है।

आपराधिक कानून (राजस्थान संशोधन) अध्यादेश 2017, सितंबर में लागू किया गया था। याचिकाकर्ताओं में से एक भागवत गौड़ के वकील ए.के.जैन ने कहा, “जस्टिस अजय रस्तोगी और दीपक माहेश्वरी की एक पीठ ने नोटिस जारी कर सुनवाई की अगली तारीख 27 नवंबर तक जवाब देने के लिए कहा है।”

अदालत ने अपने आदेश में अध्यादेश के खिलाफ दायर सभी सात याचिकाएं और जनहित याचिकाओं को भी शामिल किया, जिसमें प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के प्रमुख नेता सचिन पायलट द्वारा दायर याचिका भी शामिल है।

इस अध्यादेश के खिलाफ दायर लगभग सभी याचिकाओं का तर्क है कि यह संविधान के अनुच्छेद 14 और 19 का उल्लंघन करता है। अनुच्छेद 14 कानून के समक्ष सभी को समानता प्रदान करता है, जबकि अनुच्छेद 19 कुछ अधिकारों के संरक्षण के साथ अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के तहत काम करता है।

नियमों के अनुरूप, इस विधेयक को चुनिंदा समिति के पास भेजा जा सकता है। यह अध्यादेश अभी भी छह सप्ताह यानी पांच दिसंबर तक के लिए क्रियान्वित है।

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