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लोक आयुक्त‌ की तक़र्रुरी केलिए मुशावरती अमल का आग़ाज़

बैंगलौर । १५ फरवरी: (पी टी आई) लोक आयुक्त‌ की तक़र्रुरी के लिए जमबोद को तोड़ते हुए हुकूमत कर्नाटक ने आज इसी मक़सद के लिए मुशावरत का आग़ाज़ किया ताकि बदउनवानीयों की रोक थाम केलिए एक निगरान इदारे के सरबराह का तक़र्रुर किया जा सकी।

बैंगलौर । १५ फरवरी: (पी टी आई) लोक आयुक्त‌ की तक़र्रुरी के लिए जमबोद को तोड़ते हुए हुकूमत कर्नाटक ने आज इसी मक़सद के लिए मुशावरत का आग़ाज़ किया ताकि बदउनवानीयों की रोक थाम केलिए एक निगरान इदारे के सरबराह का तक़र्रुर किया जा सकी।

वज़ीर-ए-आला सदा निंदा गौड़ा ने अख़बारी नुमाइंदों से बात करते हुए कहा कि मकतूब आज ही रवाना करदिया जाएगा और मुस्तक़बिल का लायेहा-ए-अमल मकतूब के जवाब पर मुनहसिर होगा।

इन का इशारा इन मुक्तो बात की जानिब था जो लीजसलीटीव असम्बली और कौंसल के अप्पोज़ीशन अरकान को रवाना किए जाने वाले हैं। इलावा अज़ीं ये मुक्तो बात ऐवानों के परीसाईडनग आफ़िसरान और चीफ़ जस्टिस आफ़ कर्नाटक हाइकोर्ट को भी रवाना किए जाने वाले हैं और ये अमल दरअसल मुशावरती अमल का ही एक हिस्सा ही। याद रहे कि कर्नाटक में लोक आयुक्त‌का ओहदा गुज़शता पाँच माह से मख़लवा ही।

क़ब्लअज़ीं जस्टिस (रिटायर्ड) वे श्यौराज पाटल ने गुज़शता साल सितंबर में ओहदा से दसतबरदारी इख़तियार करली थी हालाँकि उन्हों ने भी सिर्फ दीढ़ माह क़बल ही ओहदा का जायज़ा लिया था। इस के बाद हुकूमत ने जस्टिस (रिटायर्ड) ऐस आर बनोरमथ के नाम कीसिफ़ारिश की थी, लेकिन गवर्नर ने उसे मंज़ूर नहीं किया जिस का नतीजा ये हुआ कि बनोरमथ ख़ुद ही लोक आयवकत के ओहदा की दौड़ से दस्तबरदार हो गई।

मिस्टर पाटिल‌ और मिस्टर भंवर मिथ को ज़वाबत की ख़िलाफ़ वरज़ी करते हुए आराज़ीयात हासिल करने के इल्ज़ाम का सामना है लेकिन गवर्नर ने यहां पर भी वज़ाहत करते हुए कहा कि सिर्फ आराज़ीयात की गै़रक़ानूनी हसोली ही ने उन्हें बनोरमथ की ताईद ना करने पर आमादा नहीं किया बल्कि कुछ दीगर वजूहात भी हैं।

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