लोक आयुक़्त की तक़र्रुरी के लिए मुशावरती अमल का आग़ाज़

लोक आयुक़्त की तक़र्रुरी के लिए मुशावरती अमल का आग़ाज़
लोक आयुक़्त की तक़र्रुरी के लिए जमबोद को तोड़ते हुए हुकूमत कर्नाटक ने आज इसी मक़सद केलिए मुशावरत का आग़ाज़ किया ताकि बदउनवानीयों की रोक थाम केलिए एक निगरान इदारे के सरबराह का तक़र्रुर किया जा सके। वज़ीर-ए-आला सदा नंदा गौड़ा ने अख़बारी नुम

लोक आयुक़्त की तक़र्रुरी के लिए जमबोद को तोड़ते हुए हुकूमत कर्नाटक ने आज इसी मक़सद केलिए मुशावरत का आग़ाज़ किया ताकि बदउनवानीयों की रोक थाम केलिए एक निगरान इदारे के सरबराह का तक़र्रुर किया जा सके। वज़ीर-ए-आला सदा नंदा गौड़ा ने अख़बारी नुमाइंदों से बात करते हुए कहा कि मकतूब आज ही रवाना कर दिया जाएगा और मुस्तक़बिल का लायेहा-ए-अमल मकतूब के जवाब पर मुनहसिर होगा।

इनका इशारा इन मुक्तो बात की जानिब था जो लीजिसलीटीव असेंबली और कौंसल के अपोज़ीशन अरकान को रवाना किए जाने वाले हैं। इलावा अज़ीं ये मुक्तो बात ऐवानों के प्रीसाईडिंग आफ़िसरान और चीफ़ जस्टिस आफ़ कर्नाटक हाइकोर्ट को भी रवाना किए जाने वाले हैं और ये अमल दरअसल मुशावरती अमल का ही एक हिस्सा है।

याद रहे कि कर्नाटक में लोक आयुक़्त का ओहदा गुज़शता पाँच माह से मख़लवा है। क़ब्लअज़ीं जस्टिस (रिटायर्ड) वे शिव राज पाटिल ने गुज़शता साल सितंबर में ओहदा से दसतबरदारी इख़तेयार कर ली थी हालाँकि उन्होंने भी सिर्फ ढेढ़ माह क़ब्ल ही ओहदा का जायज़ा लिया था।

इसके बाद हुकूमत ने जस्टिस (रिटायर्ड) एस आर बनोरमथ के नाम की सिफ़ारिश की थी, लेकिन गवर्नर ने उसे मंज़ूर नहीं किया जिस का नतीजा ये हुआ कि बनोरमथ ख़ुद ही लोक आयुक़्त के ओहदा की दौड़ से दस्तबरदार हो गए। मिस्टर पाटल और मिस्टर भंवर मिथ को ज़वाबत की ख़िलाफ़वर्ज़ी करते हुए आराज़ीयात हासिल करने के इल्ज़ाम का सामना है लेकिन गवर्नर ने यहां पर भी वज़ाहत करते हुए कहा कि सिर्फ आराज़ीयात की गै़रक़ानूनी हसोली ही ने उन्हें बनोरमथ की ताईद ना करने पर आमादा नहीं किया बल्कि कुछ दीगर वजूहात भी हैं।

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