लोक कला से न केवल नगर सुंदर होते हैं, बल्कि इनकी आत्मा का भी चित्रण होता है: हरदीप पुरी

लोक कला से न केवल नगर सुंदर होते हैं, बल्कि इनकी आत्मा का भी चित्रण होता है: हरदीप पुरी

आवास और शहरी मामले मंत्रालय में राज्यमंत्री हरदीप सिंह पुरी ने आज नई दिल्ली में दिल्ली नगरीय कला आयोग (डीयूएसी) द्वारा ‘लोक कला नीति, मार्गनिर्देश और दिल्ली के लिए मास्टर प्लान’ विषय पर आयोजित दूसरे दौर की बैठक में कहा कि सार्वजनिक स्थान हमारे लिये सृजनात्मक कला को दर्शाने का एक अवसर प्रदान करते हैं।

इनसे न केवल नगर सुंदर होते हैं, बल्कि इनकी आत्मा का भी चित्रण होता है। ये इतिहास का ऐसे निशान होते हैं, जो पीढियों के माध्यम से किसी महानगर के क्रमिक विकास का चित्रण करते हैं।

ये किसी नगर के सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक बदलावों का भी चित्रण करते हैं।

उन्होंने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि लोक कला समावेशी है और विभिन्न विषयों और पृष्ठभूमियों, समुदायों और संवेदनाओं को एक साथ लाकर यह नगरीय रहन-सहन का चित्रण करती है। इस अवसर पर कलाकारों, सरकारी एजेंसियों, नगरीय डिजाइनरों और योजनाकारों सहित अऩेक हितधारक उपस्थित थे।

इस बैठक में डी.यू.ए.सी के अध्यक्ष पीएसएन राव ने कहा कि स्थानों की पहचान कायम करना, एक व्यापक कला मास्टर योजना के साथ-साथ कलाकारी की मंजूरी तथा इसके रख-रखाव के बारे में मार्गनिर्देश तैयार करना हमारे लिए जरूरी है।

आज की बैठक में अनेक हितधारकों ने अपने विचार व्यक्त किये और मार्गनिर्देंशों में शामिल करने के लिए कई उपाय सुझाये।

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