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लोक पाल दायरे से अदलिया को दूर रखने पर अना हज़ारे टीम की तन्क़ीद

नई दिल्ली ३० नवंबर (पी टी आई) लोक पाल बल से मुताल्लिक़ पारलीमानी स्टैन्डिंग् कमेटी के मुसव्वदा रिपोर्ट पर नाराज़गी का इज़हार करते हुए अना हज़ारे टीम ने आज लोक पाल के दायरे से अदलिया को हटा दुनिय पर तन्क़ीद की जबकि टीम ने लोक पाल के दा

नई दिल्ली ३० नवंबर (पी टी आई) लोक पाल बल से मुताल्लिक़ पारलीमानी स्टैन्डिंग् कमेटी के मुसव्वदा रिपोर्ट पर नाराज़गी का इज़हार करते हुए अना हज़ारे टीम ने आज लोक पाल के दायरे से अदलिया को हटा दुनिय पर तन्क़ीद की जबकि टीम ने लोक पाल के दायरा में इन जी औज़ और मीडीया को शामिल करने की मुख़ालिफ़त की।

पैनल के मुसव्वदा रिपोर्ट पर रद्द-ए-अमल ज़ाहिर करते हुए अरविंद कजरीवाल ने पारलीमानी क़रारदाद के हवाले से हुकूमत को तवज्जा दिलाई कि अन्ना हज़ारे की ज़ेर क़ियादत भूक हड़ताल 28 अगस्त को इस लिए ख़तम् करदी गई कि पार्लीमैंट ने एक क़रारदाद मंज़ूर की थी। उन्हें तवक़्क़ो है कि हुकूमत इस क़रारदाद का एहतिराम करेगी।

जब अन्ना हज़ारे ने अपने बरत को ख़तन क्या उस वक़्त पार्लीमैंट ने क़रारदाद लाने से इत्तिफ़ाक़ किया था और कहा था कि कमतर दर्जा की ब्यूरोक्रेसी और शहरीयों के चार्टर पर इस का मौक़िफ़ वाज़िह है। इस पर हमें तवक़्क़ो थी कि क़रारदाद का एहतिराम किया जाएगा। लोक पाल के दायरे से अदलिया को हटा देने के फ़ैसले की मुख़ालिफ़त करते हुए कजरीवाल ने कहा कि हम से कहा गया था कि जजस की रिश्वत सतानी के मुआमले को अदलिया के जवाबदेही बल से निमटा जाएगा लेकिन अदलिया के जवाबदेही बिल में ये मौज़ू शामिल नहीं है और ना ही लोक पाल बिल में इस को शामिल किया जा रहा है।

अन्ना हज़ारे टीम की एक और रुकन किरण बेदी ने अदलिया को लोक पाल बल के दायरे से हटा देने के बाद अदलिया मैं शफ़्फ़ाफ़ियत लाने के जज़बे को धक्का पहुंचेगा जो लोग अदलिया को रिश्वत से पाक मुक़ाम बनाने के ख़ाहां थे उन्हें दुख पहुंचेगा कि लोक पाल बल के दायरे में अदलिया को शामिल नहीं किया गया है। इन जी औज़ और मीडीया को लोक पाल के दाइरा-ए-कार में लाने पर अंदेशे ज़ाहिर करते रहे हुए उन्हों ने कहा कि इस से कई मुआमले मज़ीद उलझन से दो-चार होंगी।

हम मुकम्मल तौर पर इत्तिफ़ाक़ रखते हैं कि इन जी औज़ और मीडीया में बड़े पैमाने प रिश्वत सतानी होती है लेकिन 1968 से लोक पाल को सिर्फ एजैंसी की हैसियत से रखा गया है जो सिर्फ इंसिदाद रिश्वत सतानी क़ानून की हद तक ही कारकरद है। किरण बेदी ने इस तजवीज़ का ख़ौरमक़दम किया है कि कॉर्पोरेट्स, मीडीया और उन जी औज़ को भी लोक पाल के दायरे में लाना चाहियॆ।

कजरीवाल ने कहा कि मीडीया और उन जी औज़ में रिश्वत सतानी से निमटने के लिए दीगर क़वानीन को मज़बूत बनाना होगा और इस के तहत कई एन जी औज़ को लाया जाय तो इस से उलझनें पैदा हो जाएंगी। कम दर्जा की ब्यूरोक्रेसी को लोक पाल से हटाने के मसला पर उन्हों ने कहा कि ग्रुप सी और डी मुलाज़मीन ही बेतहाशा रिश्वत सतानी के लिए ज़िम्मेदार होते हैं।

इन तमाम को इंसिदाद रिश्वत सतानी एजैंसी के दायरे से हटाना बेफ़ैज़ होगा। कजरीवाल ने इस बात से इत्तिफ़ाक़ नहीं किया कि शहरीयों की चार्टर पर मुसव्वदा रिपोर्टस में जो सिफ़ारिश की गई हैं वो अन्ना हज़ारे टीम के लोक पाल तहरीक के असल मुतालिबात में से एक ही।

कजरीवाल ने लोक पाल के दायरे से सी बी आई को भी दूर रखने के इक़दाम पर शदीद तन्क़ीद की और कहा कि तहक़ीक़ाती एजैंसी पर अपना कंट्रोल किए बगै़र हुकूमत लोक पाल को एक ख़ाली डिब्बे की तरह बना देगी। सारी क़ौम को पता है कि हुकूमत सी बी आई को अपने मुफ़ाद केलिए ग़लत तौर पर इस्तिमाल कर रही है। उन्हों ने अदलिया को भी खुली छूट देने पर इज़हार-ए-अफ़सोस किया।

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