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लोक पाल मसला , अप्पोज़ीशन और हलीफ़ों से बातचीत की हिमायत

नई दिल्ली ०४ जनवरी (पी टी आई) वज़ीर-ए-क़ानून सलमान ख़ुरशीद ने लोक पाल और दीगर मसाइल पर अपोज़ीशन के इलावा हलीफ़ पार्टीयों से बातचीत करने की हिमायत की है। उन्हों ने तृणमूल कांग्रेस लीडर ममता बनर्जी की जानिब से मुश्किलात पैदा करने के गुम

नई दिल्ली ०४ जनवरी (पी टी आई) वज़ीर-ए-क़ानून सलमान ख़ुरशीद ने लोक पाल और दीगर मसाइल पर अपोज़ीशन के इलावा हलीफ़ पार्टीयों से बातचीत करने की हिमायत की है। उन्हों ने तृणमूल कांग्रेस लीडर ममता बनर्जी की जानिब से मुश्किलात पैदा करने के गुमान को मुस्तर्द कर दिया।

लोक पाल बल के मसला पर कांग्रेस और बी जे पी के दरमयान इख़तिलाफ़ राय बरक़रार है, राज्य सभा में लोक पाल बिल की ना मंज़ूरी को लेकर बी जे पी पर तन्क़ीदें हो रही हैं। सलमान ख़ुरशीद ने कहा कि इस मसला पर हुकूमत को चाहीए कि वो तर्जीहाती बुनियादों पर अपोज़ीशन से रुजू हूँ।

मैं समझता हूँ कि हमें अप्पोज़ीशन से तरजीही बुनियादों पर रुजू होना चाहीए क्योंकि कई ऐसे मसाइल हैं जिन्हें दूर करने के लिए अपोज़ीशन से बात करना ज़रूरी है। हुकूमत को ना सिर्फ बातचीत करनी चाहीए बल्कि उन्हें एहसास भी होना चाहीए कि हुकूमत उन से मुशावरत करके मसला हल करना चाहती है।

इस ताल्लुक़ से अपोज़ीशन को राज़ी कराना ज़रूरी है। सी एन बी सी टी वी चैनल के इंडिया टोनाईट प्रोग्राम में करण थापर से बातचीत करते हुए सलमान ख़ुरशीद ने ये भी कहा कि यूपी ए की हलीफ़ पार्टीयों की असल तशवीश को दूर करना ज़रूरी है।

इस के बाद ही हम अपनी हलीफ़ पार्टीयों की असल तशवीश को समझ सकेंगी। मैं समझता हूँ कि जो मसाइल पाए जाते हैं इन का हल तलाश किया जा सकता है। जब पूछा गया कि आया हुकूमत बी जे पी से रुजू होने के लिए हुकूमत को कोई मुश्किल पेश आएगी क्योंकि कांग्रेस ख़्याल करती है कि ये पार्टी सयासी तौर पर सख़्त गीर है।

उन्हों ने कहा कि अगर आप लोग एक ही घर में रह रहे हूँ तो आप को मनफ़ी सोच तर्क कर देनी चाहीए और हम एक ही ऐवान के मकीन हैं।

हमें एक दूसरे से मुसाफ़ा करना होगा, हमारे इख़तिलाफ़ात को बालाए ताक़ रखना होगा और हमें उन की मदद करते हुए मुल्क के नाज़ुक मसला और मुआमलों में इन से मदद हासिल करना चाहीए। उन्हों ने कहा कि जंग के दौरान सयासी पार्टीयों को एक दूसरे के सयासी नज़रिया में उलझने की ज़रूरत नहीं होगी बल्कि सयासी नज़रियात से बालातर होकर हमें सोचना होगा।

ममता बनर्जी पर पूछे गए सवाल के जवाब में सलमान ख़ुरशीद ने कहा कि ममता बनर्जी से हमें कोई मुश्किलात दरपेश नहीं हैं। वो कोई मुश्किल गाहक नहीं हैं। इन की सियासत सयासी अज़म से भरपूर है। इन के अंदर अज़ीम जज़बा पाया जाता है। उन्हों ने यू पी ए की अहम हलीफ़ पार्टीयों के साथ भी बेहतर ताल मेल और मुसालहत कारी को फ़रोग़ देने की हिमायत की।

हमें मिल जुल कर रहना होगा, और हमें इस बात की इजाज़त दी जाय कि बातचीत बेहतर सतह पर की जाए। मल्टी ब्रांड के रीटेल शोबा में एफ डी आई के मसला पर सलमान ख़ुरशीद ने इस बात से इत्तिफ़ाक़ किया कि इस ताल्लुक़ से से हुकूमत को ज़्यादा से ज़्यादा होमवर्क करने की ज़रूरत ही। एफडी आई को दुबारा नाफ़िज़ करने से क़बल दोस्तों और मुख़ालिफ़ीन से मज़ीद बातचीत की जानी चाहीए।

एफ डी आई एक ऐसा नज़रिया है जो दुनिया की ज़रूरत बन चुका है। शायद ये नज़रिया पूरे हिंदूस्तान में क़बूल ना किया जाय लेकिन हम कोशिश करेंगे कि एफडी आई पर मुकम्मल अमल हो।

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