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लोक पाल मसला पार्लीमैंट के बाहर उठाने पर हुकूमत का एतराज़

नई दिल्ली, १३ दिसम्बर: ( पी टी आई) एन सी पी सरबराह-ओ-वज़ीर-ए-ज़राअत शरद पवार ने आज कहा कि सयासी क़ाइदीन के लोक पाल मसला पर अनाहज़ारे के साथ एहतिजाज और तबादला-ए-ख़्याल में कोई क़बाहत नहीं बल्कि ये एक अच्छा पहलू है कि तमाम जमातों ने पार्लीमै

नई दिल्ली, १३ दिसम्बर: ( पी टी आई) एन सी पी सरबराह-ओ-वज़ीर-ए-ज़राअत शरद पवार ने आज कहा कि सयासी क़ाइदीन के लोक पाल मसला पर अनाहज़ारे के साथ एहतिजाज और तबादला-ए-ख़्याल में कोई क़बाहत नहीं बल्कि ये एक अच्छा पहलू है कि तमाम जमातों ने पार्लीमैंट की बरतरी को बरक़रार रखने पर ज़ोर दिया है और इस पहलू को नजरअंदाज़ नहीं किया जा सकता।

शरद पवार ने कहा कि मुबाहिस किसी भी मुक़ाम पर हो सकते हैं। ये किसी सैमीनार या खुले ग्राऊंड पर भी मुम्किन है लेकिन सब से अच्छा पहलू ये रहा कि जनतर मनतर पर तमाम सयासी जमातों ने कहा कि पार्लीमैंट की एहमीयत को मुक़द्दम रखा जाये।

उन्हों ने कल अन्नाहज़ारे की भूक हड़ताल में मुख़्तलिफ़ सयासी जमातों के क़ाइदीन की शिरकत के ताल्लुक़ से पूछे गए सवाल के जवाब में ये बात कही। अपनी रिहायश गाह पर एक तक़रीब के बाद अख़बारी नुमाइंदों से बातचीत करते हुए शरद पवार ने कहा कि हर शख़्स को इज़हार-ए-ख़्याल की आज़ादी का हक़ हासिल है। शरद पवार को उन के हामीयों ने 71 वीं सालगिरा पर मुबारकबाद पेश की।

जब उन से लोक पाल बल के ताल्लुक़ से अन्नाहज़ारे के मौक़िफ़ के बारे में पूछा गया तो उन्हों ने कहा कि हर शख़्स अपनी राय का इज़हार कर सकता है और अगर कोई अच्छी तजवीज़ पेश करे तो इस का ख़ौरमक़दम किया जाएगा। लेकिन पार्लीमैंट ही वाहिद मुक़ाम है जहां क़तई मुबाहिस और फ़ैसला होगा। कल जनतर मनतर पर कई सयासी जमातों ने हुकूमत और कमज़ोर लोक पाल मुसव्वदा तैय्यार करने पर पारलीमानी स्टैंडिंग कमेटी को तन्क़ीदों का निशाना बनाया था।

बाअज़ क़ाइदीन ने अनाहज़ारे और उन की टीम से इस बल के ताल्लुक़ से लचकदार मौक़िफ़ इख़तियार करने की अपील की थी। इस दौरान वज़ीर-ए-इत्तलात-ओ-नशरियात अमबीका सोनी ने अप्पोज़ीशन जमातों पर दोहरा मयार इख़तियार करने का इल्ज़ाम आइद किया।

उन्हों ने ये जानना चाहा कि ऐसे वक़्त जबकि पार्लीमैंट का सैशन जारी है, अप्पोज़ीशन जमातें लोक पाल मसला पार्लीमैंट के बाहर क्यों उठा रही हैं। आज पार्लीमैंट हाओज़ के बाहर अख़बारी नुमाइंदों से बातचीत करते हुए अमबीका सोनी ने कहा कि जमहूरीयत में हर मसला पर मुबाहिस के लिए प्लेटफार्म मौजूद ही। पार्लीमैंट मुबाहिस के लिए मौज़ूं फ़ोर्म है।

उन्हों ने कहा कि पार्लीमैंट के बाहर लोक पाल मसला उठाने से अपोज़ीशन के दोहरे मयार का इज़हार होता है और ये काबिल-ए-क़बूल नहीं है। जब हुकूमत पार्लीमैंट के बाहर कोई ब्यान देती है तो उसे पारलीमानी रिवायत के ख़िलाफ़ क़रार दिया जाता है। अमबीका सोनी ने कहा कि हम भी ताक़तवर लोक पाल के ख़ाहां हैं लेकिन पार्लीमैंट में मुबाहिस होने चाहिये।

वज़ीर-ए-क़ानून सलमान ख़ुरशीद ने कहा कि पारलीमानी जमहूरीयत की असास मुबाहिस पर है और हर मसला पर बेहस होनी चाहीये। मर्कज़ी वज़ीर फ़ारूक़ अबदुल्लाह ने कहा कि पार्लीमैंट सब से बरतर है और अप्पोज़ीशन को अपनी राय मौज़ूं फ़ोर्म में ही पेश करनी चाहीये।

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