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लोगों की शिकायत यह नहीं कि हमने नोटबंदी पर तैयारी नहीं की, बल्कि यह है कि उनको तैयारी करने का समय नहीं मिला: नरेंद्र मोदी

नोटबंदी पर विपक्ष की आलोचना का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुटकी ली है। उन्होंने कहा कि जो लोग काले धन के इंतज़ाम की तैयारी नहीं कर पाए उन्हें नोटबंदी से पीड़ा हो रही है। उन्होंने ये बात शुक्रवार को डिजिटल संस्करण समारोह के विमोचन के दौरान कही।

गुरुवार को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राज्यसभा में  मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले पर सवाल उठाया था। मनमोहन सिंह ने इस फैसले को यादगार कुप्रबंधन  कहा था। उन्होंने यह भी कहा था कि नोटबंदी से जीडीपी में दो फीसदी की गिरावट आएगी। नोटबंदी के अमल में काफी अव्यवस्था दिख रही है। बदइंतजामी से लोग परेशान हैं। प्रधानमंत्री को इस योजना को रचनात्मक तरीके से लाना चाहिए था। उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री ने जनता से 50 दिन मांगे हैं, जो लोगों पर भारी पड़ेंगे। आरबीआई और पीएमओ इसे लागू करने में पूरी तरह फेल रहे। आपने ऐसा किस देश में सुना है कि पैसा जमा कराने के बाद निकालने की इजाजत नहीं होती। मनमोहन सिंह भाषण के बाद उम्मीद की जा रही थी कि प्रधानमंत्री राज्यसभा में उसका जवाब देंगे पर उन्होंने नहीं दिया। आज दिल्ली के विज्ञान भवन में विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया।

उन्होंने कहा कि लोगों की शिकायत है कि हमने नोटों को रद्द करने से पहले ठीक से तैयारी नहीं की, लेकिन उनकी पीड़ा यह नहीं है। बल्कि पीड़ा यह है कि हमने उन्हें तैयारी करने का समय नहीं दिया। फिर उन्होंने कहा कि यदि आम लोग व्हॉट्सऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं तो मोबाइल के ज़रिए डिज़िटल करेंसी का इस्तेमाल क्यों नहीं कर सकते हैं? उन्होंने इस बात पर बल दिया कि देश की कुल आबादी में 65 फ़ीसदी लोग युवा हैं और करोड़ों के पास स्मार्टफ़ोन हैं, ऐसे में हमें डिज़िटल करेंसी को बढ़ावा देना चाहिए।

मोदी ने कहा कि आठ नवंबर को जो हमने फ़ैसला लिया है उससे सबसे ज़्यादा फ़ायदा नगर निगम और नगरपालिकाओं को हुआ है। उन्हें भारी टैक्स हासिल हुआ। देशहित में फ़ैसले लेने होते हैं और हमें उसका पालन भी करना होता है। उसके बाद उन्होंने कहा कि लोगों को लगता है कि पिछले 70 सालों से संविधान का दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया गया।

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