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लड़कियों को फ्लैट में कैद कर चलाते थे सेक्स रैकेट

पटना : बिहार की दारुल हुकूमत पटना वाकेय शब्बो कॉम्प्लेक्स के फ्लैट नंबर-602 में चले रहे सेक्स रैकेट का पुलिस ने जुमा को भंडाफोड़ किया। पटना पुलिस के वाट‌्सएप नंबर पर इस सिलसिले में इत्तिला मिलते ही वहां छापेमारी कर चार लड़कियाें को आज़ाद कराया गया, जबकि तीन नौजवानों को गिरफ्तार कर लिया गया। उनकी शिनाख्त रवि कुमार (पुरानी बाजार महाराजगंज), मो. सरफराज रकीब खान (बिहारशरीफ) और शंभू कुमार (जहानाबाद) के तौर में हुई। पुलिस के मुताबिक फ्लैट में 9 माह से लड़कियां कैद थीं। उन्हें हर इतवार को ब्लू फिल्म दिखाकर 20 से ज्यादा लोगों के साथ रिश्ते बनाने के लिए मजबूर किया जाता था।

रवि नाम का शख्स इस रैकेट का सरगना है, जबकि रकीब और शंभू उसके साथी हैं। फ्लैट के दो कमरों से ब्लू फिल्मों की 20 सीडी, शराब की बोतलें, सिगरेट, 50 पैकेट कंडोम और 43,500 रुपए मिले। अरविंद नामी सख्श का यह फ्लैट है। इसे रवि ने अंजू रंजन नामी खातून के जरिए लिया था। अंजू भी रैकेट से जुड़ी है। उसे पुलिस तलाश रही है।

असम की 16 साल की लड़की ने रोते हुए रौंगटे खड़े करनेवाले खुलासे किए। खातून पुलिस अफसर ने उससे इस दलदल में फंसने की वजह पूछी तो उसने बताया कि महज 5 हजार रुपए के लिए जीजा ने उसे दलाल को बेच दिया था। उसके वालिदैन को बताया गया कि लड़की काम करने जा रही है। इतवार को उसके लिए खौफनाक होता था। इस दिन उसे 20 से ज़्यादा लोगों के साथ ताल्लुक बनाने होते थे। रोने-सिसकने तक की मनाही होती थी। रोने की शिकायत कस्टमर ने कर दी तो दलाल और सरगना उसकी बेरहमी से पिटाई करते थे। जुर्माने के तौर पर एक वक्त का खाना रोक दिया जाता था। एक-एक कस्टमर से 2 हजार रुपए वसूलता था, लेकिन एक रुपया भी लड़कियों को नहीं मिलता था।

फ्लैट में चारों लड़कियों की कई बार पिटाई हो चुकी है। इन्हें कस्टमर से जिश्मानी ताल्लुक बनाने के लिए मजबूर करते थे। मना करने पर इनकी बुरी तरह पिटाई होती थी। खाना भी नहीं दिया जाता था। किसी को फ्लैट से बाहर जाने की इजाजत नहीं थी। खिड़कियां-दरवाजे हमेशा बंद रहते थे। इससे पहले भी कई जगहों पर रवि लड़कियों को रख चुका है, जिसके बारे में लड़कियां नहीं बता पा रहीं।

अड्डे से जिन्हें आज़ाद कराया गया, उनमें बिहार छपरा जिले के नागरा गांव की एक लड़की, बंगाल के चौबीस परगना जिले की एक खातून, असम की औरधर कॉलोनी व बांग्लादेश के जसर जिले की एक-एक लड़की शामिल हैं। चारों ने कहा कि उन्हें नौ महीने से फ्लैट में कैद कर रखा गया था। सभी को रैकेट चलाने वाला रवि कुमार लेकर आया था। उसने पूछताछ में बताया कि कोलकाता के सोनागाछी में सरगर्म दलाल संजय के जरिए इन लड़कियों को पटना लाया था। वहीं लड़कियों ने बताया गरीबी और बेरोजगारी की वजह से उन्हें नौकरी का झांसा देकर संजय और रवि उन्हें ले आए थे।

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