Tuesday , June 26 2018

लड़कीयों से छेड़छाड़ को 80 फ़ीसद ख़ाती ग़लत नहीं बल्कि आम बात समझते हैं

साइबराबाद कमिशनरीएट के हुदूद में लड़कीयों से छेड़छाड़ करते हुए शि टेम्स की तरफ़ से पकड़े जाने वाले 80 फ़ीसद ख़ाती नौजवान ख़वातीन से छेड़छाड़ को ग़लत नहीं समझते!। एक आलामीया के मुताबिक़ एसे नौजवान और अफ़राद ये समझते हैं के हमारे मुआशरे में ये (

साइबराबाद कमिशनरीएट के हुदूद में लड़कीयों से छेड़छाड़ करते हुए शि टेम्स की तरफ़ से पकड़े जाने वाले 80 फ़ीसद ख़ाती नौजवान ख़वातीन से छेड़छाड़ को ग़लत नहीं समझते!। एक आलामीया के मुताबिक़ एसे नौजवान और अफ़राद ये समझते हैं के हमारे मुआशरे में ये ( लड़कीयों/ ख़वातीन से छिड़ छाड़) क़ाबिल-ए-क़बूल है। आम मुक़ामात पर लड़कीयों और ख़वातीन से छेड़छाड़ को रुकने के लिए तीन माह पहले तशकील शूदा शि टीम्स ने एसे वाक़ियात में शामिल ताहाल 250 अफ़राद को पकड़ कर उनकी इस्लाह के लिए कौंसलिंग की।

पिछ्ले हफ़्ते मुख़्तलिफ़ उम्रों के 36 अफ़राद को पकड़ कर उनके ख़िलाफ़ 27 मुक़द्दमात दर्ज किए गए। साइबराबाद पुलिस कमिशनर सी वे आनंद ने लड़कीयों से छेड़छाड़-ओ-हरासानी के वाक़ियात के इंसिदाद के लिए शि टीम्स की कारकर्दगी का जायज़ा लिया। उन्हंने जायज़ा मीटिंग में डिप्टी कमिशनर रामा राजेश्वरी ( इंचार्ज शि टीम्स) को हिदायत की के वो ख़वातीन के ख़िलाफ़ जराइम के शोबे को बेहतर् बनाते हुए कोनसलनगको समर आवर बनाईं। कौंसलिंग के एक हिस्से के तौर पर ख़ातियों को अब एक सवालनामा दिया जाएगा ताके ये पता चलाया जा सके आया वो लड़कीयों से आख़िर किस लिए छेड़छाड़ किया करते हैं। उनके जुर्म की नौईयत और ख़वातीन के तईं उनकी नफ़सियात मालूम करने की कोशिश की जाएगी। अक्सर ख़ातियों की तफ़तीश से पता चला हैके वो मुशतर्का ख़ानदानों के बजाये सिर्फ़ माँ बाप और भाई बहनों पर मुश्तमिल अलाहिदा ख़ानदानों से ताल्लुक़ रखते हैं और पिस-ए-मंज़र के बारे में पता चला हैके वालिदैन भी उनकी सरगर्मीयों पर ज़्यादा नज़र नहीं रखते जो उनके इस रवैये और तर्ज़ की अहम वजह है।

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