Saturday , December 16 2017

वक़्फ़ बोर्ड में ज़बरदस्त सौदेबाज़ी, रिश्वत का बाज़ार गर्म

अक़लीयती इदारों की कारकर्दगी बेहतर बनाने के सिलसिले में हुकूमतों के दावे बरक़रार हैं लेकिन दूसरी जानिब ओहदेदारों की कमी और अक़लीयती इदारों की अदम निगरानी के बाइस कारकर्दगी बुरी तरह मुतास्सिर हुई है। चीफ़ मिनिस्टर चन्द्र शेखर रा

अक़लीयती इदारों की कारकर्दगी बेहतर बनाने के सिलसिले में हुकूमतों के दावे बरक़रार हैं लेकिन दूसरी जानिब ओहदेदारों की कमी और अक़लीयती इदारों की अदम निगरानी के बाइस कारकर्दगी बुरी तरह मुतास्सिर हुई है। चीफ़ मिनिस्टर चन्द्र शेखर राव ने अक़लीयती इदारों की बेहतर निगरानी के लिए अक़लीयती बहबूद का क़लमदान अपने पास रखा जिस के नतीजा में इन इदारों में जवाबदेही का एहसास ख़त्म हो चुका है खासतौर पर वक़्फ़ बोर्ड की सूरते हाल इंतिहाई अबतर है।

गुज़िश्ता देढ़ माह से वक़्फ़ बोर्ड के स्पेशल ऑफीसर का ओहदा ख़ाली है और 10 माह से वक़्फ़ ट्रब्यूनल पर किसी जज का तक़र्रुर नहीं किया गया। इस सूरते हाल का फ़ायदा उठाकर बोर्ड में औक़ाफ़ी जायदादों को लेकर ज़बरदस्त सौदेबाज़ी और रिश्वत का बाज़ार गर्म है। दरमयानी अफ़राद और ओहदेदारों की मिली भगत के बाइस रोज़ाना कई अहम फाईलों और मुआमलात की खु़फ़ीया तौर पर यक्सूई की जा रही है।

बताया जाता है कि वक़्फ़ बोर्ड के बाअज़ मुलाज़मीन जो दरमयानी अफ़राद का रोल अंजाम देते हैं उन के ज़रीए कई अहम औक़ाफ़ी जायदादों के एन ओ सीज़ और दीगर मुआमलात तय किए जा रहे हैं। औक़ाफ़ी जायदादों के तहफ़्फ़ुज़ के सिलसिले में जब कोई शख़्स रुजू होता है तो उस की सुनवाई करने वाला कोई नहीं। बरख़िलाफ़ इस के क़ाबज़ीन से मिली भगत के बाइस हुक्काम उन्हें तामीरात की खु़फ़ीया तौर पर इजाज़त दे रहे हैं और शिकायतों को बर्फ़दान की नज़र किया जा रहा है।

अगर यूं कहा जाए तो ग़लत ना होगा कि गुज़िश्ता देढ़ माह से वक़्फ़ बोर्ड में अमलन जंगल राज चल रहा है और रिश्वतखोर, बदउनवान अफ़राद भारी रक़ूमात के बल पर मनमानी मंज़ूरीयां हासिल कर रहे हैं। अगर गुज़िश्ता देढ़ माह के दौरान बोर्ड की जानिब से जारी किए गए एन ओ सीज़ और दीगर फ़ैसलों की तहक़ीक़ात की जाएं तो यक़ीनन एक बड़ा स्क़ैम मंज़रे आम पर आ सकता है।

अवाम ने मज़ीद शिकायत की कि दरमयानी अफ़राद दफ़्तर के औक़ात के बाद रात देर गए तक ओहदेदारों के साथ बैठ कर अपने मुआमलात तय कर रहे हैं और फाईलों की यक्सूई और रिकार्ड में उलट फेर जैसी धांदलियों का इर्तिकाब किया जा रहा है। इसी दौरान हुकूमत ने आई एफ़ एस ओहदेदार जलाल उद्दीन अकबर को स्पेशल ऑफीसर वक़्फ़ बोर्ड और डायरेक्टर अक़लीयती बहबूद मुक़र्रर किया है। उन के तक़र्रुर के बाद तवक़्क़ो की जा रही है कि बोर्ड में जारी बेक़ाईदगियों पर रोक लगेगी।

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