वज़ारत-ए-उज़मा की ख्वाहिश के बारे में अडवानी का सस्पेन्स

वज़ारत-ए-उज़मा की ख्वाहिश के बारे में अडवानी का सस्पेन्स
नई दिल्ली, ०९ नवंबर ( पीटीआई) एल के अडवानी ने जो वज़ीर-ए-आज़म की ख़ाहिश रखने वाले क़ाइद हैं, आज अपनी 85 वीं सालगिरा के मौक़ा पर इस सिलसिला में सस्पेन्स बरक़रार रखते हुए इस बारे में सवाल का कोई वाज़िह ( सही/ स्पष्ट) जवाब नहीं दिया जिस की वजह से वज

नई दिल्ली, ०९ नवंबर ( पीटीआई) एल के अडवानी ने जो वज़ीर-ए-आज़म की ख़ाहिश रखने वाले क़ाइद हैं, आज अपनी 85 वीं सालगिरा के मौक़ा पर इस सिलसिला में सस्पेन्स बरक़रार रखते हुए इस बारे में सवाल का कोई वाज़िह ( सही/ स्पष्ट) जवाब नहीं दिया जिस की वजह से वज़ारत-ए-उज़मा ( प्रधानमंत्री का पद) के दीगर ख़ाहिशमंद जैसे चीफ़ मिनिस्टर गुजरात नरेंद्र मोदी और उन के अपने हामी सुषमा स्वराज और अरूण जेटली क़ियास आराईयों में मसरूफ़ हैं।

एल के अडवानी जो इस मौक़ा पर व्यस्त ( Busy) नज़र आ रहे थे और अपनी बीवी और बेटी के साथ मेहमानों का इस्तिक़बाल (स्वागत) कर रहे थे, जिन का उन की क़ियामगाह पर सालगिरा की मुबारकबाद देने के लिए हुजूम ( भीड़) था। तक़रीब में शिरकत करने वालों में सदर जमहूरीया परनब मुकर्जी, वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह, नायब सदर हामिद अंसारी, क़ाइदीन अपोज़ीशन बराए दोनों ऐवान पार्लीमेंट और दीगर बही ख्वाहों ने अडवानी के इस ओहदा की उम्मीदवारी को बिलकुल दुरुस्त फ़ैसला क़रार दिया।

उन्होंने इस बारे में कोई शुबा ज़ाहिर नहीं किया कि वो अब एस ओहदा पर फ़ाइज़ होने के लिए कारआमद नहीं हैं। अडवानी ने मुलाक़ातियों (मुलाकात करने वालों) को एक और हैरत में डाल दिया जबकि उन्होंने वज़ारत-ए-उज़मा के बारे में तब्सिरा ( ज़िक्र) किया।

हालाँकि उन्होंने कहा था कि इस बारे में सवाल करने का कोई मतलब नहीं है जबकि नामा निगारों ने उन से इस बारे में सवाल किया था। इस सवाल पर कि उनकी पार्टी ने उन की सालगिरा पर क्या तोहफ़ा दिया है। अडवानी ने जवाब दिया कि उन की पार्टी ने ज़िंदगी भर उन के लिए इतना कुछ दिया है कि कोई भी नहीं कह सकता कि उसे इतने तोहफ़े हासिल हुए हैं, चाहे वो वज़ीर-ए-आज़म भी क्यों ना बन चुका हो।

उन्होंने कहा कि उन के ख़्याल में वज़ीर-ए-आज़म बन कर वो इतना हासिल नहीं कर सकते जितना कि पार्टी में उन्हें दिया है। उन के इस किस्म के ग़ैर वाज़िह बयानात पर ना सिर्फ़ दीगर अफ़राद बल्कि ख़ुद उनकी पार्टी के क़ाइदीन ( लीडर) क़ियास आराईयां करने पर मजबूर हो गए हैं।

सदर बी जे पी नितिन गडकरी ने भी अडवानी की क़ियामगाह पर पहुंच कर उन्हें मुबारकबाद दी।

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