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वज़ारत फाइनैंस-ओ-लेबर में कोई इख़तेलाफ़ नहीं:दत्तात्रेय

हैदराबाद 01 मई: मर्कज़ी वज़ीर लेबर बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि मुलाज़िमीन के प्रावीडेंट फ़ंड पर शरह सूद के ताय्युन के सिलसिले में वज़ारत फाइनैंस से उनकी वज़ारत के कोई इख़तेलाफ़ात हैं। दत्तात्रेय ने अख़बारी नुमाइंदों से बातचीत करते हुए कहा कि वज़ारत लेबर-ओ-वज़ारत फाइनैंस के माबैन कोई इख़तेलाफ़ात नहीं हैं। वज़ारत फाइनैंस हमें मश्वरे देती है। हमें कोई सर्कुलर या नोट रवाना किया जाता है। इस के जवाब में हम वज़ारत फाइनैंस से बातचीत करते हैं। ये एक उमूमी तरीक़ा है।

हुकूमत ने प्रावीडेंट फ़ंड डिपाज़िटस पर शरह सूद को 8.8 फ़ीसद से 8.7 फ़ीसद करने के अपने फ़ैसले से दसतबरदारी इख़तियार करली थी। माह मार्च से अब तक प्रावीडेंट फ़ंड के ताल्लुक़ से हुकूमत ने तीसरी मर्तबा अपना कोई फ़ैसला वापिस लिया है। उन्होंने कहा कि यक़ीनी तौर पर हम सब एक हैं। हम हुकूमते हिन्द के लिए फ़ैसले करते हैं।

वज़ारत लेबर भी हुकूमते हिन्द का हिस्सा है। अब तक हमने प्रावीडेंट फ़ंड के ताल्लुक़ से कोई आलामीया जारी नहीं किया है और वज़ारत फाइनैंस से मुशावरत के बाद हम अब फ़ौरी आर्डर जारी कर रहे हैं। एसे में इख़तेलाफ़ कहाँ से आजाता है। उन्होंने कहा कि एसे में जब मार्किट में शरह सूद में कटौती का सिलसिला जारी है एसे में हम अगर 8.7 फ़ीसद का शरह सूद अदा कर रहे हैं तो ये बहुत अच्छा है। वाज़िह रहे कि हुकूमत को चंद दिन पहले प्रावीडेंट फ़ंडज़ से रक़म की दसतबरदारी पर टैक्स की तजवीज़ को भी वापिस लेना पड़ा था जब उस के ख़िलाफ़ एहतेजाज शुरू हो गया था।

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