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वजीरे आजम रिहाइश मंसूबा : तीन से छह लाख तक आमदनी वाले को भी मिलेगा रिहाइश

रांची : वजीरे आजम रिहाइश मंसूबा के तहत दारुल हुकूमत के तमाम बेघरों को रिहाइशगाह मिलेगा़ स्लम में रहनेवालों को रिहाइश तो मिलेगा ही, सालाना तीन से लेकर छह लाख तक कमानेवाले सख्श को भी रिहाइशगाह दस्तयाब कराया जायेगा़। स्लम में रहनेवाले लोगों को हुकूमत मुफ्त रिहाइश बना कर देगी़।

वहीं लोअर इनकम ग्रुप व मीडिल इनकम ग्रुप के लोगों को ग्रांट पर रिहाइशगाह दस्तयाब कराया जायेगा। शहर के तमाम जरूरतमंद लोगों को रिहाइशगाह मिले, इसमें मुंसिपल कॉर्पोरेशन व पार्षदों की किरदार अहम है़। इसलिए कॉर्पोरेशन जल्द से जल्द लोगों का सलेक्शन कर उसकी लिस्ट महकमा काे दस्तयाब कराये, ताकि हम मरकज़ी हुकूमत से रिहाइशगाह तामीर के लिए रकम की मांग कर सकें। ये बातें वजीरे आजम रिहाइश मंसूबा के प्रोजेक्ट एंजिनियर शरीक मुंसिपल कॉर्पोरेशन तरक़्क़ी महकमा के दिनेश द्विवेदी ने पीर को मुंसिपल कॉर्पोरेशन में कही़।

दिनेश द्विवेदी ने कहा कि मरकज़ी हुकूमत की तरफ से इस मंसूबा में लोगों के सलेक्शन के लिए हमें 28 सितंबर तक की डेडलाइन दी गयी है़। इसलिए जल्द से जल्द लोगों की फेहरिस्त तैयार की जाये़ प्रोग्राम में मेयर आशा लकड़ा, डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय, एडिशनल अपर कमिश्नर ओमप्रकाश, रमेंद्र कुमार वगैरह मौजूद थे़।

नहीं देना होगा आफ़िडेफ़िट

दिनेश द्विवेदी ने कहा कि इस मंसूबा का फायदा वैसे सभी लोग उठा सकते हैं, जो एक जनवरी 2015 से पहले रांची शहर में रह रहे हैं। इसमें हिस्सा लेने के लिए खुद का आफ़िडेफ़िट लेटर देना होगा़ जिसमें यह लिखा होगा कि पूरे मुल्क में उनके व उनके अहले ख्नाना के नाम पर कहीं पक्का मकान नहीं है़ साथ ही उन्हें सालाना आमदनी की जानकारी भी देनी होगी।

मंसूबा को अमली जामा की श्क़्ल देने के लिए चार कैटेगरी में रिहाइशगाह की तामीर किया जायेगा। पहली कैटेगरी में स्लम का डेवलपमेंट होगा़ दूसरी कैटेगरी में पीपीपी मोड पर प्राइवेट ज़मीन पर रिहाइशगाह की तामीर , तीसरी कैटेगरी में रियासती हुकूमत की जमीन पर बनाये जानेवाले रिहाइशगाह व चौथी कैटेगरी में खुद के रिहाइशगाह की तामीर होगा। इसके लिए लोगों को एक मुकरर रकम किस्त के तौर में चुकानी होगी़।

प्रोग्राम में पार्षदों ने कहा कि मंसूबा तो ठीक है़। लेकिन इसके लिए जो डेडलाइन 28 सितंबर तक रखी गयी है, वह वक़्त काफी कम है़। पार्षदों को अभी तक फॉर्म भी नहीं दिया गया है़, इसलिए फाॅर्म भरने की तारीख को एक माह आगे बढ़ाया जाये़ पार्षदों की इस मांग पर प्रोजेक्ट एंजिनियर ने कहा कि तारीख बढ़ाने के लिए मरकज़ी हुकूमत को खत लिख कर दरख्वास्त किया जायेगा़।

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