Thursday , December 14 2017

वजीरे आला से बिला ताखीर उर्दू एकेडमी की तशकील का मुतालबा

अंजुमन बकाए अदब, रांची के जेनरल सेक्रेटरी नासिर अफसर ने एक प्रेस एलानिया जारी कर हुकूमत झारखंड को नौजवान और मुशबत सोंच रखने वाले वजीरे आला हेमंत सोरेन से ये सवाल किया है की झारखंड उर्दू एकेडमी आखिर कब तक हुकूमत के शिकम मादर मेन रह

अंजुमन बकाए अदब, रांची के जेनरल सेक्रेटरी नासिर अफसर ने एक प्रेस एलानिया जारी कर हुकूमत झारखंड को नौजवान और मुशबत सोंच रखने वाले वजीरे आला हेमंत सोरेन से ये सवाल किया है की झारखंड उर्दू एकेडमी आखिर कब तक हुकूमत के शिकम मादर मेन रहेगी और इसे जन्म लेने से क्यों रोका जा रहा है। उन्होने वजीरे आला से ये जानना चाहा है के झारखंड उर्दू अकेडमी की तशकील मेन आखरी क्या रूकावटें हैं के इसकी तशकील झारखंड के कयाम के तेरह बरसों के बाद भी मुमकिन नहीं हो सकी है। झारखंड की उर्दू आबादी को वाजेह करें।

मिस्टर अफसर की जानकारी के लिए ये बताया के झारखंड की तमाम पड़ोसी रियासतों यानि बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, उड़ीसा और मगरीबी बंगाल में उर्दू एकादमी काम कर रही है। हत्ता के हिंदुस्तान की जुनूबी रियासतों में भी उर्दू एकादमी अरसा दराज से मौजूद है। उन्होने मजीद सवाल किया के क्या के हुकूमत भी रोड जाम, धरना और जुलूस की भाषा समझती है। अगर हाँ तो हम उर्दू वालों को भी महजब तरीका छोड़ कर गैर महजब तरीका अपनाने होंगे।

अंजुमन बकाए अदब की जेनरल सेक्रेटरी ने रियासत के वजीरे आला हेमंत सोरेन से दरख्वास्त की के जो वक़्त गुज़र गया, इसे भूल जाएँ और पहली फुर्सत में झारखंड उर्दू एकादमी का क़याम अमल में लाएँ वरना झारखंड की उर्दू आबादी आप की हुकूमत को कभी माफ नहीं करेगी।

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