Saturday , February 24 2018

वाई ऐस आर की बदउनवानीयों के लिए काबीनी मंत्री भी ज़िम्मेदार

हुकूमत की जानिब से किए गए किसी भी फ़ैसला के लिए पूरी काबीना ज़िम्मेदार होती है, इसी लिए डाक्टर वाई ऐस राज शेखर रेड्डी के दौर-ए-हकूमत के काबीनी मंत्रीयों के ख़िलाफ़ भी हुकूमत को कार्रवाई करनी चाहीए।

हुकूमत की जानिब से किए गए किसी भी फ़ैसला के लिए पूरी काबीना ज़िम्मेदार होती है, इसी लिए डाक्टर वाई ऐस राज शेखर रेड्डी के दौर-ए-हकूमत के काबीनी मंत्रीयों के ख़िलाफ़ भी हुकूमत को कार्रवाई करनी चाहीए।

रुक्न पोलीट ब्यूरो तेल्गुदेशम पार्टी मिस्टर वाई राम कृष्णा डू ने आज अपने सहाफ़ती ब्यान में इल्ज़ाम आइद किया कि डाक्टर वाई ऐस राज शेखर रेड्डी की बदउनवानीयों के लिए काबीनी वुज़रा भी बराबर के ज़िम्मेदार हैं।

उन्हों ने बताया कि दस्तूर की दफ़ा 164 (2) के एतबार से हुकूमत की जानिब से लिए गए तमाम फेसलों के लिए काबीना भी बराबर की ज़िम्मेदार होती है। उन्हों ने चीफ़ मिनिस्टर मिस्टर एन किरण कुमार रेड्डी से मुतालिबा किया कि वो फ़ौरी तौर पर इन वुज़रा को अपनी काबीना से बरतरफ़ करें जो डाक्टर वाई ऐस राज शेखर रेड्डी की काबीना में ख़िदमात अंजाम दे चुके हैं।

उन्हों ने बताया कि इन वुज़रा की बरतरफ़ी के बाद ही किसी भी तरह की कार्रवाई को यक़ीनी बनाया जा सकता है। मिस्टर वाई राम कृष्णा डू ने बताया कि तेल्गूदेशम पार्टी इबतदा से ये कहती आ रही है कि कांग्रेस एक ज़हरीले दरख़्त की तरह रियासत को तबाह कर रही है जिसे अब ख़ुद कांग्रेसी क़ाइदीन डाक्टर वाई ऐस राज शेखर रेड्डी की बदउनवानीयों को मंज़रे आम पर लाते हुए साबित कर रहे हैं।

उन्हों ने जगन मोहन रेड्डी को कांग्रेस के ज़हरीले दरख़्त की ही एक शाख़ क़रार देते हुए कहा कि जगन मोहन रेड्डी की बदउनवानीयाँ साबित करना हुकूमत की ज़िम्मेदारी है। मिस्टर वाई राम कृष्णा डू ने 88 हज़ार 500 एकड़ अराज़ी की तख़सीस के मुआमलात को मंज़रे आम पर लाने का मुतालिबा करते हुए कहा कि वाई ऐस आर के दौर-ए-हकूमत में आराज़ीयात की हवालगी और काबीना के फ़ैसलों की मुकम्मल तहक़ीक़ात की जानी चाहीए।

उन्हों ने बताया कि रियासत के अवाम को गुज़श्ता आठ बरसों के दौरान हुई बदउनवानीयों और काबीनी फेसलों की तफ़सीलात जानने का मुकम्मल हक़ हासिल है और अवाम चाहते हैं कि हुकूमत तमाम तफ़सीलात अवाम के सामने पेश करे। मिस्टर वाई राम कृष्णा डू ने मुतालिबा किया कि रियासत के लिए नुक़्सान का मूजिब बनने वाले तमाम सयासी क़ाइदीन को क़ानून के मुताबिक़ कार्रवाई का सामने करने के लिए तैयार रहना चाहीए और हुकूमत पर भी ये ज़िम्मेदारी आइद होती है कि हुकूमत रियासत के मुफ़ादात को नुक़्सान पहुंचाने वालों के ख़िलाफ़ ग़ैर जांनिब्दाराना कार्रवाई करते हुए उन्हें कैफ़र-ए-किरदार तक पहुंचाए।

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