वाजपेयी के अंतिम संस्कार में दिल्ली आया था आतंकी हेडली का भाई, विवाद बढ़ा

वाजपेयी के अंतिम संस्कार में दिल्ली आया था आतंकी हेडली का भाई, विवाद बढ़ा
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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का 93 साल की उम्र में गुरुवार को एम्स में निधन हो गया. शुक्रवार को हुए उनके अंतिम संस्कार में दुनिया भर के कई नेताओं सहित लाखों लोगों ने भाग लिया. वाजपेयी के अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने के लिए आए आतंकी डेविड कोलमैन हेडली उर्फ दाऊद गिलानी के सौतेले भाई दानयाल गिलानी पर विवाद हो गया है. मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हेडली के सौतेले भाई के अटल बिहारी वाजपेयी के अंतिम संस्कार में आने पर कांग्रेस ने सवाल उठाया है. पार्टी ने इसे भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की चूक करार दिया.

 

हालांकि विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि अंतिम संस्कार में शिरकत करने आए पाक प्रतिनिधिमंडल में शामिल दानयाल ने न तो संस्कार में हिस्सा लिया, न किसी मीटिंग में. दानयाल के खिलाफ कोई क्रिमिनल केस या टेररिस्ट चार्ज नहीं होने की वजह से ही उन्हें भारत का वीजा दिया गया था.

भाजपा मुख्यालय से राष्ट्रीय स्मृति स्थल तक पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अंतिम यात्रा में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के चार हजार से अधिक कर्मियों को तैनात किया गया था. दिल्ली के पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक सहित सभी वरिष्ठ अधिकारी व्यक्तिगत रूप से स्थिति पर नजर रख रहे थे. पटनायक राष्ट्रीय स्मृति स्थल पर मौजूद थे, जहां वाजपेयी का अंतिम संस्कार किया गया.पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तीस कंपनियों (करीब 2500 कर्मियों), सुरक्षा शाखा के 600 पुलिसकर्मियों और यातायात पुलिस के 800 कर्मियों को अंतिम यात्रा के सुचारु संचालन के लिए तैयार किया गया था.

गौरतलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि के बीच शुक्रवार शाम पंचतत्व में विलीन हो गए. उनका अंतिम संस्कार पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ किया गया और बंदूकों की सलामी के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई. इस दौरान यमुना के किनारे राष्ट्रीय स्मृति स्थल पर हजारों लोग मौजूद थे. उनकी दत्तक पुत्री नमिता कौल भट्टाचार्य ने जब उनकी पार्थिव देह को मुखाग्नि दी तो हल्की बूंदाबांदी के बीच माहौल ‘अटल बिहारी अमर रहें’ के गगनभेदी नारों से गूंज उठा. वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुए उनके अंतिम संस्कार में देशभर से जुटे नेताओं के साथ ही कई अन्य देशों के नेता भी पहुंचे और अत्यंत लोकप्रिय रहे वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित की.

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