Monday , December 18 2017

वादी कश्मीर में बंद का मिला जुला असर मजलिस मुशावरत का बंद कामयाब

श्रीनगर 21 मार्च: पालियामेंट हमले के फांसी पा चुके मुल्ज़िम अफ़ज़ल गुरु और ज के एल एफ़ के बानी मक़बूल बट की लाशों के बाक़ियात की हवालगी का माँग‌ करते हुए अलहिदगी पसंदों की जानिब से कई गई हड़ताल का वादी में मिला जुला असर देखने में आया ।

श्रीनगर 21 मार्च: पालियामेंट हमले के फांसी पा चुके मुल्ज़िम अफ़ज़ल गुरु और ज के एल एफ़ के बानी मक़बूल बट की लाशों के बाक़ियात की हवालगी का माँग‌ करते हुए अलहिदगी पसंदों की जानिब से कई गई हड़ताल का वादी में मिला जुला असर देखने में आया ।

तेजारती इलाक़ा लाल चौक में तमाम दोकानात बंद रहें जबकि दीगर इलाक़ों में कारोबार जारी रहा । अहम जगह‌ में हालाँकि अवामी ट्रांसपोर्ट ख़िदमात बंद‌ रहें वहीं लाल चौक और इससे सटे इलाक़ों में ये ख़िदमात जारी रहें । दूसरी तरफ़ तमाम अहम रास्तों पर ख़ानगी गाड़ियां भी चलाई जा रही थीं ।

दूर‌ इलाक़ों और वादी के दीगर जिला में मामूलात-ए-ज़िंदगी बदस्तूर जारी रहे क्यों कि मजलिस मुशावरत की जानिब से ऐलान करदा हड़ताल का कोई असर देखने में नहीं आया । सरकारी दफ़ातिर और बैंक्स खुले रहे और तालीमी इदारों में भी तदरीस का सिलसिला बदस्तूर जारी रहा ।

यहां इस बात का तज़किरा भी ज़रूरी है कि वादी में AFSPAकी बरख़ास्तगी का माँग‌ भी बहुत दिनौ से किया जा रहा है जिसे ख़ुद वज़ीर-ए-आला उमर‌ अबदुल्लाह की ताईद हासिल है । वादी में सेक्योरिटी अफ़्वाज को दिए गए ख़ुसूसी इख़्तयारात के नाजायज़ इस्तिमाल का सिलसिला हनूज़ जारी है और अवाम इस बात की उमीद‌ है कि AFSPA को फ़ौरी असर के साथ बरख़ास्त किया जाये।

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